मुंगेली छत्तीसगढ़
मुंगेली - छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले एक तरफ डॉक्टर, पुलिस , एवं सफाई कर्मचारीयों को कोरोना फाइटर के रूप में सम्मानित किया जा रहा है वहीं दूसरी ओर जिला के अनुविभागीय दंडाधिकारी के द्वारा तमाचा जड़ने की धमकी देने वाले जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही कराने की लिखित शिकायत लेकर सौंपा ज्ञापन
मुंगेली एसडीएम पर लगा अभद्रता का आरोप कार्यवाही की मांग कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन
मुंगेली - मुंगेली जिले में अनुविभागीय
अधिकारी मुंगेली नवीन भगत के खिलाफ स्वास्थ्य कर्मियों ने मोर्चा खोल दिया है। विभिन्न स्वास्थ्य संगठन ने एकजुट होकर नवीन भगत की शिकायत करते हुए कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है,और उनके खिलाफ उचित कार्यवाही करने की मांग की है। स्वास्थ्य संगठन के विभिन्न पदाधिकारियों ने एसडीएम के विरुद्ध आरोप लगाया है
कि वे 3 मई को जरहागांव प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के निरीक्षण के दौरान टीकाकरण नहीं किये जाने पर स्वास्थ्य कर्मियों के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए स्वास्थ्य विभाग के सीएमएचओ को दो थप्पड़ लगाने तक की बात कह दी थी। इससे स्वास्थ्यकर्मी आक्रोशित हो गए है और वे नवीन भगत हटाने की मांग कर रहे हैं।

मुंगेली जिले के विभिन्न स्वास्थ्य संगठनों के पदाधिकारियो ने एकजुट होकर अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) नवीन भगत के खिलाफ संचालक स्वास्थ्य सेवायें, और जिला कलेक्टर से शिकायत की है।कलेक्टर को ज्ञापन सौंपते हुये अनुविभागीय अधिकारी के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही कर मुंगेली से हटाने की मांग की है।ज्ञापन में स्वास्थ्य संगठनों ने बताया है कि दिनाँक 3 मई को जरहागांव प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के निरीक्षण के दौरान वहाँ टीकाकरण नही किये जाने की बात को लेकर उपस्थित टीकाकरण कर्मियों राजकुमार साहू और श्रीमती सुनीता मेहर से तो अभद्रतापूर्वक बात की ही,सीएमएचओ के लिए भी उन्हें कुछ नही आने और सारी समस्या की जड़ बताते हुए दो थप्पड़ लगाने की बात कह दी।प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में उपस्थित कर्मियों द्वारा टीकाकरण नही करने के लिए शासन के ही निर्देश का हवाला देने पर बड़बोले नवीन भगत यहाँ तक कह गए कि टीका लगाना कौन सी बड़ी बात है।यह कार्य तो मैँ या मेरे चपरासी भी कर सकते है।साथ ही उन्होंने उपस्थित स्वास्थ्यकर्मियों को घर घर जाकर टीका लगाने की बात भी कही गयी।जबकि शासन ने निर्धारित टीकाकरण केंद्रों के ही टीकाकरण किये जाने का निर्देश जारी किया है।
अनुविभागीय अधिकारी ने एक भी हितग्राही के आने पर टीका लगाने की बात कही जबकि ऊपर से निर्देश है कि वायल तब ही खोले जाये जब कम से कम 8 से 10 हितग्राही उपस्थित हो ।अन्यथा की स्थिति में वायल खुलने और उपयोग नही होने पर वैक्सीन खराब हो जाएगा।जब नवीन भगत को इस बात से अवगत कराया गया तो उल्टे स्वास्थ्य कर्मियों को नियम कानून बताने की बात कह कर डांट दिया।स्वास्थ्यकर्मियों के पदाधिकारियो का कहना है कि यदि नवीन भगत की दृष्टि में स्वास्थ्यकर्मी कुछ नही करते है और खाली बैठे रहते है और टीकाकरण करना कोई बड़ा काम नही है तो टीकाकरण की सारी जवाबदारी एसडीएम को दे दिया जाए।ज्ञापन सौंपते हुए संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि तीन दिवस में अनुविभागीय अधिकारी के विरुद्ध ठोस कायर्वाही नही की जाती है तो समस्तअधिकारी और स्वास्थ्यकर्मी कोविड 19 टीकाकरण से समस्त दायित्वों से मुक्त समझे जाएंगे ,जिसका सारा उत्तरदायित्व शासन का होगा।
नवीन भगत विवाद का पुराना नाता है।
आज ज्ञापन सौपने वालो में प्रमुख रूप से ओम प्रकाश कश्यप - जिला अध्यक्ष छत्तीसगढ़ राज्य कर्मचारी संघ
नरेंद तिवारी - जिला अध्यक्ष स्वास्थ्य एवं बहुउद्देश्यीय कर्मचारी संघ
राजा राम गोयल - जिला अध्यक्ष स्वास्थ्य सयोजक कर्मचारी संघ
अमित दुबे छत्तीसगढ़ प्रदेश एनएचएम कर्मचारी संघ
शामिल रहे।
सी एन आई न्यूज के लिए मुंगेली से सुखबली खरे की रिपोर्ट
No comments:
Post a Comment
Please do not enter any spam link in the comment box.