मुस्लिम समुदाय के सैकड़ो भर से ज्यादा लोगो ( अनुयायियों ) ने जेल के सामने इस घटना के विरोध में प्रदर्शन प्रारंभ व चक्काजाम कर दिया जिससे चार से पांच घंटा यातायात बाधित रहां...
दुर्ग जिला - केंद्रीय जेल दुर्ग में कार्यरत एक जेलर द्वारा मुस्लिम समुदाय के ग्रंथ को लेकर की गई कथित टिप्पणी के विरोध में दुर्ग-भिलाई का मुस्लिम समुदाय उद्वेलित हो गया है।
मामले को लेकर जेलर के खिलाफ कार्यवाही की मांग को लेकर कोतवाली थाना में शिकायत भी दर्ज कराई है।
मुस्लिम समुदाय के सैकड़ो भर से ज्यादा लोगो ( अनुयायियों ) ने जेल के सामने इस घटना के विरोध में प्रदर्शन प्रारंभ कर चक्काजाम कर दिया। प्रदर्शनकारी इस बेअदबी के लिए जेल की सहायक जेलर को जिम्मेदार ठहराते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई किए जाने की मांग कर रहे हैं।
मामले की जानकारी के अनुसार वांबे अटल वास उरला निवासी कोसर बानो का पुत्र मुर्तुजा किसी मामले में पिछले लगभग एक साल से निरुद्ध है। आज सोमवार की सुबह कोसर बानो अपने पुत्र से मिलने जेल गई थी।
मुलाकात के दौरान मुर्तुजा ने बताया कि उसके पास रखी कुरान के साथ जेल के अन्य कैदियों द्वारा बेअदबी की जाती है। आरोप है कुरान को इस प्रकार की हरकतों से बचाने के लिए उसने अपनी मां से वापस घर ले जाने की गुजारिश की थी,
लेकिन मौके पर मौजूद सहायक जेलर शोभारानी ने किताब देने से मना कर दिया। इस घटना की जानकारी कोसर बानो द्वारा समाज के लोगों को दी गई। जिसके बाद मामला गरमा गया और समुदाय के जेल के सामने जुटने लगे और प्रदर्शन करना प्रारंभ कर दिया।
शाम तक भारी संख्या में लोग जुट गए और जेल के सामने से गुजरने वाले रास्ते को जाम कर दिया। जिसके मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल भी स्थिति को नियंत्रित करने पहुंच गया। प्रदर्शनकारी सहायक जेलर शोभारानी के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर नारेबाजी कर रहे हैं।
एस एस पी के साथ की बदसलूकी...
समुदाय द्वारा किए जाने वाले प्रदर्शन की जानकारी मिलने एसएसपी बीएन मीणा मामले की संवेदनशीलता को समझते हुए मौके पर पहुंचे। जहां प्रदर्शनकारियों को उचित कार्रवाई किए जाने का आश्वासन देकर समझाइश देने का प्रयास किया।
इस मौके पर समुदाय के कुछ युवाओं द्वारा एसएसपी के साथ बातचीत के दौरान बदतमीजी करना प्रारंभ कर दी। जिससे नाराज एसएसपी ने प्रदर्शनकारियों के प्रतिनिधि मंडल को कार्यालय में आकर मामले के निराकरण के संबंध में चर्चा करने आमंत्रित कर मौके से चले गए।
कलेक्टर छुट्टी पर एडीएम सम्हाल रहीं जिम्मेदारी
मामला जेल ज्यूरीडिकशन का होने के कारण यह विवाद का निराकरण पुलिस क्षेत्राधिकार से बाहर का है। मामले का निराकरण जिला प्रशासन की पहल पर संभव है। कलेक्टर डॉ सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे इन दिनों अवकाश पर है।वहीं एसडीएम विनय पोयाम न्यायालयीन कार्य के कारण शहर बाहर है। जिले की जिम्मेदारी एडीएम नुपुर राशि पन्ना के हाथ में है। एसडीएम के बुलावे पर प्रतिनिधि मंडल ने कलेक्टोरेट में उनसे मुलाकात की।
प्रतिनिधि मंडल द्वारा सहायक जेलर के निलंबन की मांग और मामले पर एफआईआर दर्ज किए जाने की मांग कर रहे हैं। फिलहाल प्रशासनिक अधिकारियों व प्रतिनिधि मंडल के सदस्यों के बीच चर्चा हुई। जिसमें प्रशासन की ओर से मामले की जांच करा कर आवश्यक कार्रवाई किए जाने का आश्वासन दिया गया है।
इसके बाद मुस्लिम समुदाय के लोग शाम करीब पांच बजे केंद्रीय जेल दुर्ग के सामने एकत्रित हो गए। मामले में जेलर के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर केंद्रीय जेल के सामने धरना पर बैठ गए
प्रदर्शन की वजह से जेल रोड में यातायात प्रभावित हो गया है।
मौके पर पुलिस प्रशासन के अधिकारी कर्मचारियों की तैनाती की गई है। पुलिस प्रशासन के आला अधिकारी स्थितियों पर नजर रखे हुए हैं।
इस मामले में जिला प्रशासन ने तीन सदस्यीय जांच कमेटी बनाई है।
प्रशासन ने मामले का निराकरण करने मुस्लिम समुदाय के प्रतिनिधि मंडल की बैठक बुलाई है।प्रतिनिधि मंडल में समाज की ओर से मोहम्मद लतीफ, रिजवान खान,शरीफ खान,अब्दुल गनी, हामिद खोखर, सैय्यद सैफ शामिल थे।
एडीएम नुपुर राशि पन्ना, एसपी बद्रीनारायण मीणा की मौजूदगी में बैठक हुई। जिसमें प्रशासन की ओर से मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी बनाई गई है।
कमेटी में एसडीएम दुर्ग, तहसीलदार दुर्ग और एक इंजीनियर को शामिल किया गया है। जांच टीम को पूरे साक्ष्य के साथ प्रकरण की जांच कर रिपोर्ट देने कहा गया है। प्रशासन से चर्चा के बाद समाज के लोगों ने रात लगभग नौव 9 बजे के आसपास धरना समाप्त कर दिया।

















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