कलेक्टर के जांच व निर्देश को खाद्य एवं नान अधिकारी बता रहे धत्ता: पाली गोदाम में रुका पाकड़ चावल पुनः गरीबो की थाली तक पहुँचाने का प्रयास
रतनपुर से ताहिर अली की रिपोट
पाली.... जिले के नान गोदामों से खराब कस्टम मिलिंग का पाकड़ चावल पीडीएस दुकानों में आपूर्ति कर गरीबों को वितरण किये जाने की खबर को कलेक्टर श्रीमती रानू साहू द्वारा गंभीरता से संज्ञान में लेते हुए प्रशासनिक जांच टीम का गठन कर नागरिक आपूर्ति निगम के गोदामों में छापामार कार्यवाही के निर्देश दिए गए थे। जहां गठित जांच टीम ने कोरबा एवं छुरी स्थित गोदामों में उपलब्ध चावल का सेम्पल लेकर 6, 255 क्विंटल चावल को अमानक करार दिया था। और जांच रिपोर्ट कलेक्टर को सौंपी गई थी। जिसमे ब्रोगन और बगरी डिस्कलर निर्धारित मापदंड से अधिक होना बताया गया था। जिस रिपोर्ट के आधार पर कलेक्टर श्रीमती साहू द्वारा खराब गुणवत्ता के चावल को वापस देकर मानक श्रेणी के चावल जमा कराने के साथ गरीबो को गुणवत्तापूर्ण खाद्यान वितरण के निर्देश दिए गए थे। तब चावल गुणवत्ता परीक्षण के लिए गठित टीम ने कोरबा और छुरी के गोदामो में कथित जांच किया था, किंतु कटघोरा व पाली नान गोदामों में जांच की जहमत नही उठाई गई थी। जबकि कटघोरा एवं पाली गोदाम में बड़ी मात्रा में पाकड़ चावल रुके होने व जांच में गड़बड़ी मिलने की आशंका खबरों के माध्यम से जताई गई थी। और आखिरकार वही हुआ जिसका अंदेशा व्यक्त किया गया था। जांच कार्रवाई के मामले शांत होते ही खाद्य व नान अधिकारियों द्वारा पाली नान गोदाम में जमा घटिया चावल अब पुनः ग्रामीण पीडीएस दुकानों के माध्यम से गरीबों की थाली तक पहुँचाने का काम कर रहे है। और जिस पाकड़, बगरी चावल को जानवर भी न सूंघे, उसे ग्रामीण जनता को खाने मजबूर किया जा रहा है। इस विषय पर राशन प्राप्त ग्रामीण हितग्राहियों का कहना है कि जो पाकड़ चावल

















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