मैंने किसी के भावना को ठेस नही पहुंचाया।जायसवाल
आरोप लगने के बाद विधायक जायसवाल शनिवार को स्वयं सामने आए। उन्होंने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों का खंडन किया। उन्होंने बताया कि उन पर पंवार समाज को लेकर पूर्व में भी अनेक आरोप लगाए गए हैं। चुनाव के समय पर्चे बांटे गए। लेकिन इस बार ओछी राजनीति की पराकाष्ठा हो गई, जिन्होंने मेरे चरित्र पर भी सवाल उठा दिए। उन्हेांने कहा कि वे निर्दलीय विधायक है और क्षेत्र के विकास के लिए उन्होंने प्रदेश की भाजपा सरकार को समर्थन दिया है। उन्हें वारासिवनी-खैरलांजी के अलावा कहीं की राजनीति नहीं करना है। उन्होंने अपने पिताजी के संघर्ष की बात भी सामने रखी। उन्होंने गौरव पारधी, निरंजन बिसेन, विवेक पटेल का नाम लेते हुए कहा कि ये तीनों ही नेता मुझे बदनाम करने का हर संभव प्रयास कर रहे हैं। इनके खिलाफ मानहानि का केस किया जाएगा।
पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए विधायक जायसवाल ने कहा कि तीन युवक शराब के नशे में थे, जिन्हें वे नहीं पहचानते। तीनों ही युवक उनके वाहन के पास पहुंचकर बातचीत कर रहे थे, जिस पर उन्हें दूसरे दिन कार्यालय में आकर बात करने के लिए कहा गया था। युवकों द्वारा नहीं मानने पर सुरक्षा गार्ड द्वारा उन्हें दूर किया गया। घटना के दूसरे दिन पंवार समाज के कुछेक लोगों ने स्वयं बैठक बुलाकर उनके खिलाफ साजिश रचकर इस पूरी घटना को अंजाम दिया है। उन्होंने कहा कि वे उन युवकों को जानते ही नहीं तो पंवार समाज को गाली देने और सेना के जवान के साथ मारपीट करने का प्रश्न ही नहीं उठता है।

















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