Breaking

अपनी भाषा चुने

POPUP ADD

सी एन आई न्यूज़

सी एन आई न्यूज़ रिपोर्टर/ जिला ब्यूरो/ संवाददाता नियुक्ति कर रहा है - छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेशओडिशा, झारखण्ड, बिहार, महाराष्ट्राबंगाल, पंजाब, गुजरात, आंध्रप्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटका, हिमाचल प्रदेश, वेस्ट बंगाल, एन सी आर दिल्ली, कोलकत्ता, राजस्थान, केरला, तमिलनाडु - इन राज्यों में - क्या आप सी एन आई न्यूज़ के साथ जुड़के कार्य करना चाहते होसी एन आई न्यूज़ (सेंट्रल न्यूज़ इंडिया) से जुड़ने के लिए हमसे संपर्क करे : हितेश मानिकपुरी - मो. नं. : 9516754504 ◘ मोहम्मद अज़हर हनफ़ी - मो. नं. : 7869203309 ◘ सोना दीवान - मो. नं. : 9827138395 ◘ आशुतोष विश्वकर्मा - मो. नं. : 8839215630 ◘ सोना दीवान - मो. नं. : 9827138395 ◘ शिकायत के लिए क्लिक करें - Click here ◘ फेसबुक  : cninews ◘ रजिस्ट्रेशन नं. : • Reg. No.: EN-ANMA/CG391732EC • Reg. No.: CG14D0018162 

Thursday, September 29, 2022

सड़क चिरचारी क्षेत्र में हो रही रेत की धड़ल्ले से चोरी रेत माफियाओं को मिला हुआ है वन विभाग का आशीर्वाद?

 सड़क चिरचारी क्षेत्र में हो रही रेत की धड़ल्ले से चोरी


रेत माफियाओं को मिला हुआ है वन विभाग का आशीर्वाद?





सड़क चिरकारी  :- सड़क चिरचारी क्षेत्र के फत्तेगंज चारभाठा वन विभाग के बीट क्षेत्रों से लगातार  रेत निकाली जा रही है। एक तरफ शासन रेत माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई करने की बात कर रहा है, दूसरी ओर प्रशासन की उदासीनता वह कार्यवाही न होना, कहीं न कहीं रेत तस्करों से साठगांठ की ओर ईशारा कर रहा है।


सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार वन विभाग के फत्तेगंज चारभाठा, कोहलाकसा, कठवापुल आंवराटोला बीट सहित कई स्थानों से रोजाना रेत की अवैध निकासी हो रही है। वन अधिकारियों द्वारा रेत माफियाओं पर कोई कार्यवाही नहीं किया जाना कई संदेहों को जनम दे रहा है। फत्तेगंज चारभाठा क्षेत्र के जंगलों से लगातार रात और दिन सैंकड़ों ट्रिप रेती की निकासी हो रही है। बताया जाता है कि महाराष्ट्र तथा अन्य क्षेत्रों में अधिक दाम मिलने के कारण रेत माफियाओं द्वारा  (हाईवा ) रेत महंगे दामों में महाराष्ट्र सहित अन्य क्षेत्रों में धड़ल्ले से रेत बेची जा रही है। इसके साथ ही क्षेत्र के जरूरतमंद लोगों को रेत, ऊंचे दाम पर बेची जा रही है। साठगांठ के चलते राजस्व और वन विभाग के अधिकारी कार्यवाही करने से बच रहे हैं। इस तरह रेत का खेल वन अफसर और रेत माफियाओं के बीच सालों से चल रहा है, परंतु अब तक कोई ठोस कार्रवाई हो नहीं पाई है। महज

खानापूर्ति कर रेत माफियाओं को छोड़ दिया जाता है, जिससे रेत तस्करों के हौसले बुलंद होते जा रहे हैं।सूत्रों से मिली जानकारी अनुसार सड़क चिरचारी से लगे फत्ते गंज निवासी क्षेत्र में लंबे समय से रेत का अवैध कारोबार किया जा रहा है

फत्तेगंज चारभाठा, कोहलाकसा, कठवापुल, आंवराटोला बीट सहित अन्य स्थानों से रेत की तस्करी जोरों से चल रही है। साथ ही जंगलों के आसपास तथा रेत माफिया अपने गोदामों में रेत डंप कर रखते हैं। रात को महाराष्ट्र के लिए रेत से भरे हाईवा को रवाना कर दिया जाता है। इस तरह छत्तीसगढ़ की रेत को रेत

माफियाओं द्वारा महाराष्ट्र में अधिक दाम पर खपाया जा रहा है। यही स्थिति रही तो आगामी दिनों में जरूरतमंदों को रेत का मिलना । मुश्किल हो जाएगा और इन्हीं माफियाओं से अधिक दाम पर खरीदना पड़ेगा।बताया जाता है कि विगत तीन माह से लगातार धड़ल्ले से रेत की अवैध निकासी की जा रही है। इसकी जानकारी स्थानीय प्रशासन को भी है। इसके बावजूद साठगांठ के चलते इन पर किसी प्रकार की कार्यवाही नहीं की जा रही हैं।

कलेक्टर एवं पुलिस प्रशासन को चाहिए कि इस मामले को गंभीरता से लेते हुए पूर्व की भांति रेत माफियाओं पर कड़ी कार्रवाई करने अभियान चलाए ।



खतरे में वनों का अस्तित्व

जंगलों से रेत निकालकर बेचने से जंगलों का अस्तित्व खतरे में आ गया है। वन भूमि से रेत निकालने के लिए जगह-जगह जंगलों में खाइयां बन गई हैं। इससे पेड़-पौधो को क्षति पहुंच रही है। खुदाई के दौरान कई पेड़ जड़ों के कट जाने से सूख रहे हैं। वहीं ट्रैक्टर ट्रालियों के आवागमन से भी वन संपदा प्रभावित हो रहे है। वन विभाग द्वारा बीट प्रभारियों और चौकी के माध्यम से जंगल और पेड़ों के संरक्षण की बात कही जाती है, लेकिन इस प्रकार की गतिविधियां वन विभाग के कर्मचारियों की भूमिका पर सवाल उठा रही हैं।

No comments:

Post a Comment

Please do not enter any spam link in the comment box.

Hz Add

Post Top Ad