लाखों रुपये चोरी करने के दो फरार आरोपी जेल दाखिल
अरविन्द तिवारी की रिपोर्ट
रायपुर - चार्टड एकाउंटेंट ऑफिस में लाखों रूपयों की चोरी की घटना को अंजाम देने के दो आरोपियों को एण्टी क्राईम एण्ड साईबर यूनिट की संयुक्त कार्यवाही से थाना सिविल लाईन पुलिस ने तीस घंटे के भीतर विधिवत गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में पेश किया , जहां से उन्हें न्यायिक रिमाण्ड पर जेल भेज दिया गया।
प्रेस वार्ता में इस चोरीकाण्ड का खुलासा करते हुये डीसीपी क्राइम स्मृतिक रजनाला ने बताया कि प्रार्थिया अपर्णा नायक ने थाना सिविल लाईन में रिपोर्ट दर्ज कराया कि वह सुंदर नगर 627 ओम सोसायटी रोड थाना डी.डी.नगर रायपुर में रहती है तथा सी.ए. तारवानी एंड एसोसियेट ऑफिस सिविल लाईन्स रायपुर में कैशियर के पद पर कार्य करती हैं। विगत दिवस 21 जुलाई को सुबह साढ़े नौ बजे आफिस के चालक ने प्रार्थिया को फोन कर बताया कि ऑफिस में चोरी हो गया है। सूचना को प्रार्थिया द्वारा ऑफिस के मालिक चेतन तारवानी को सूचित कर वह लगभग साढ़े दस बजे तारवानी एंड एसोसियेट आफिस पहुंची। तब पाया कि किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा रात्रि में आफिस के अंदर प्रवेश कर कैश काउंटर के लॉक को कटर से काटकर कैश काउंटर में रखे नगदी रकम को चोरी कर फरार हो गया है। जिस पर अज्ञात आरोपी के विरूद्ध थाना सिविल लाईन में अपराध क्रमांक 388/26 धारा 331(4) , 305 बी.एन.एस. का अपराध पंजीबद्ध किया गया। सूचना को पुलिस उपायुक्त (क्राईम एवं साइबर) स्मृतिक राजनाला एवं पुलिस उपायुक्त (सेंट्रल जोन) तारकेश्वर पटेल द्वारा गंभीरता से लेते हुये अपने अधीनस्थ अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त , सहायक पुलिस आयुक्त एवं प्रभारी को सूचना की तस्दीक कर तत्काल अज्ञात आरोपी की पतासाजी कर जल्द से जल्द गिरफ्तार करने हेतु निर्देशित किया गया। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में एण्टी क्राईम एण्ड साईबर यूनिट तथा थाना सिविल लाईन पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा घटनास्थल का निरीक्षण कर घटना के संबंध में प्रार्थी एवं उसके ऑफिस में काम करने वाले कर्मचारियों से विस्तृत पूछताछ करते हुये आसपास के लोगों से भी घटना के संबंध में पूछताछ कर अज्ञात आरोपी की पतासाजी करना प्रारंभ किया। टीम के सदस्यों द्वारा घटनास्थल सहित आस-पास लगे सीसीटीव्ही. कैमरों के फूटेजों का अवलोकन करने के साथ ही अज्ञात आरोपी के पतासाजी हेतु मुखबिर लगाये गये। टीम के सदस्यों द्वारा प्रार्थिया के ऑफिस में काम करने वाले कर्मचारियों से पृथक - पृथक पूछताछ करने के साथ ही ऑफिस में पूर्व में काम छोड़ चुके कर्मचारियों के संबंध में भी तस्दीक कर उनके संबंध में जानकारी एकत्र किये जा रहे थे। इसी दौरान टीम के सदस्यों को पूर्व में काम छोड़ चुके उमेश पोर्ते निवासी बिलासपुर के अपराध में संलिप्त होने की जानकारी प्राप्त हुई। जिस पर टीम के सदस्यो द्वारा उमेश पोर्ते की पतासाजी कर बिलासपुर से पकड़ा गया। प्राप्त साक्ष्यों के आधार पर कड़ाई से पूछताछ करने पर आरोपी उमेश पोर्ते ने बताया कि वह पूर्व में प्रार्थी के सिविल लाईन स्थित ऑफिस में कार्य कर चुका था। उसे दुकान में रखने वाले नगदी रकम के संबंध में जानकारी रहती थी , जिसके कारण उसके द्वारा दिनांक घटना को योजना बनाकर अपने अन्य साथी के साथ मिलकर चोरी की घटना को अंजाम दिया गया था। जिस पर टीम के सदस्यों प्रकरण में संलिप्त अन्य आरोपी लक्ष्मीनारायण धु्रव निवासी बिलासपुर की भी पतासाजी कर पकड़ा गया। दोनो आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से चोरी की नगदी रकम 7,80,000 रूपये जप्त किया गया। धारा सदर अपराध सबूत पाये जाने से थाना सिविल लाइन पुलिस ने आरोपियों के विरूद्ध कार्यवाही करते हुये विधिवत गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में पेश किया , जहां से उन्हें न्यायिक रिमाण्ड पर जेल भेज दिया गया।
गिरफ्तार आरोपीगण -
उमेश पोर्ते पिता मंगलराम पोर्ते उम्र 39 वर्ष निवासी - वार्ड 06 दोमुहानी बिलासपुर और लक्ष्मीनारायण धु्रव पिता सोहन धु्रव उम्र 24 वर्ष निवासी - बूटापारा , थाना - तोरवा , जिला - बिलासपुर (छत्तीसगढ़)।


















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