4% महंगाई भत्ता पर चुनाव आयोग से अनुमति का अता पता नहीं
कर्मचारी और पेंशनर अपना आक्रोश अब मतदान में दिखाएंगे -- वीरेन्द्र नामदेव
छत्तीसगढ़। केन्द्र सरकार द्वारा केन्द्रीय कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए जुलाई 23 से एरियर सहित 4% प्रतिशत डीए/डीआर देने आदेश जारी होने के बाद छत्तीसगढ़ राज्य के कर्मचारियों और पेंशनरों को भी विधानसभा चुनाव में कर्मचारियों के वोट बटोरने के नाम पर ही सही 5 साल से लगातार एरियर हजम करने वाली सत्ताधारी कांग्रेस पार्टी के सरकार से पहली बार एरियर सहित महंगाई भत्ता मिलने की उम्मीद बनी परंतु सरकार के नीयत को लेकर बुजुर्ग पेंशनर और कर्मचारी जगत को संदेह था जो सच सबित होने जा रहा है क्योंकि जिस प्रकार से कर्मचारी और पेंशनर संघों द्वारा इसके लिए लगातार मांगों के बावजूद बहुत विलम्ब से सरकार ने निर्वाचन आयोग से अनुमति लेने की कार्यवाही की गई। पता चला है कि निर्वाचन आयोग ने विलम्ब के कारण अब तक अनुमति नहीं दी और अब मतदान तिथि 17 नवंबर तक आदेश जारी होने को कोई संभावना नज़र नहीं आ रहा है।कांग्रेस पार्टी शासित छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा जानबूझकर देर किया गया। जबकि कांग्रेस पार्टी की ही राजस्थान में अशोक गहलोत सरकार ने केन्द्र सरकार घोषणा के तुरन्त बाद निर्वाचन आयोग से अनुमति लेकर अक्टूबर माह में ही आदेश जारी कर एरियर सहित डीए डीआर भुगतान के आदेश जारी कर दिया। अब राज्य के कर्मचारियों की उम्मीद पर पानी फिर गया है। वर्तमान सत्ताधारी सरकार के नीयत को लेकर प्रदेश में कर्मचारियों तथा पेंशनरों में आक्रोश है जो मतदान में जरूर दिखेगा। सबको आशंका है कि सरकार कोई भी आए अब एरियर सहित डीए डीआर की संभावना नहीं है। वर्तमान सत्ताधारी कांग्रेस पार्टी के सरकार से विगत 5 साल के अनुभव को देखते हुए कोई उम्मीद नहीं है और भाजपा सरकार ने अपने घोषणा पत्र में जरूर वादा किया है कि सरकार आने पर कर्मचारियों और पेंशनरों को डीए डीआर केंद्र के समान दिया जाएगा। परंतु पिछला अनुभव से भरोसा कम है।
जारी विज्ञप्ति में पूर्व कर्मचारी नेता छत्तीसगढ़ राज्य संयुक्त पेंशनर फेडरेशन के प्रदेश संयोजक तथा भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ छत्तीसगढ़ के प्रांताध्यक्ष वीरेंद्र नामदेव ने आगे बताया है कि राज्य सरकार द्वारा निर्वाचन आयोग से जानबूझकर विलम्ब से अनुमति मांगा गया है ताकि बिना एरियर डी ए का आदेश मतदान तिथि पहले न करना पड़े। मुख्यमंत्री ने 20 सीटो पर प्रथम चरण मतदान के बाद कर्मचारियो के रुख को देखते हुए 4% डीए देने घोषणा के लिए मजबूर हुए परंतु पेंशनरों को डीआर देने की बात को अपने ट्वीट में गोल कर गये है।5 राज्यों में विधान सभा चुनाव के लिए आचार संहिता लागू पर कांग्रेस पार्टी शासित राजस्थान राज्य सरकार ने केन्द्र के घोषणा के तुरन्त बाद अक्टूबर माह में ही चुनाव आयोग से अनुमति लेकर एरियर सहित डीए/डीआर देने आदेश जारी कर छ ग के सामने उदाहरण प्रस्तुत किया परंतु छ ग सरकार ओभर कांफिडेंस में इसे नोटिस में नहीं लिया जिसका विपरीत प्रभाव प्रथम चरण में देखने के बाद मजबूर होकर सोशल मीडिया में ट्वीट कर मुख्यमंत्री ने हालत सुधारने की प्रयास किया है परंतु दूसरे चरण के मतदान तिथि तक निर्वाचन आयोग से अनुमति नहीं मिले के कारण अब आदेश की संभावना धूमिल हो गई हैं और अब सत्ताधारी दल को इसका चुनाव में कोई लाभ नहीं मिलेगा।
जारी विज्ञप्ति में भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ के विभिन्न जिलों के पदाधिकारी क्रमश: वीरेन्द्र नामदेव,द्रोपदी यादव,जे पी मिश्रा,पूरनसिंह पटेल, अनिल गोल्हानी, बी एस दसमेर,बी के वर्मा,आर एन ताटी,दिनेश उपाध्याय, आर जी बोहरे, ओ डी शर्मा,सी एम पांडेय,राकेश जैन,महेश पोद्दार,ओ पी भट्ट,बसंत गुप्ता,पिताम्बर पारकर,हेमंत टांकसाले,नागेश कापेवार,प्रवीण त्रिवेदी, डॉ पी आर धृतलहरे,एच एल नामदेव,के आर राजपूत,विनोद जैन, जे पी भारतीय,गायत्री गोस्वामी,अनूप डे, सी एल चंद्रवँशी, आई सी श्रीवास्तव, शैलेन्द्र कुमार सिंह,रामचंद्र नामदेव,शरद अग्रवाल,डॉ एस पी वैश्य,बी डी उपाध्याय,बी एल यादव,नरसिंग राम,आर के नारद, प्रदीप सोनी,सुरेश शर्मा,एस के चिलमवार,लोचन पांडेय,सुरेश मिश्रा,एस के एस श्रीवास्तव,आलोक पांडेय,तीरथ यादव, एस बी नायक , प्रभुदयाल पटवा,रमेशचन्द्र नन्दे,जगदीश सिंह,उर्मिला शुक्ला,कुंती राणा, वन्दना दत्ता,परसराम यदु,अनूप योगी,ओ डी उपाध्याय,बी एल गजपाल,एन के भटनागर, डी के त्रिपाठी, एम आर शास्त्री, मीता मुखर्जी, सोमेश्वर प्रसाद तिवारी,हरेंद्र चंद्राकर, इलियास मोहम्मद शेख, व्ही टी सत्यम, रैमन दास झाड़ी, मो. अय्यूब खान, रविशंकर शुक्ला, गुज्जा रमेश, सुरेश कुमार घाटोडे, लोकचंद जैन,नागेंद्र सिंह, आर एन दीक्षित आदि ने डीए/डीआर देने में विलम्ब के लिए मुख्यमंत्री और अधिकारियों जम्मेदार ठहराते हुए एरियर सहित तुरंत 4% डीए /डीआर की आदेश जारी करने की मांग किया है।
वीरेन्द्र नामदेव
9826111421


















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