अरविन्द तिवारी की रिपोर्ट
लखनऊ -- इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ खंडपीठ में हाथरस में 19 साल की दलित युवती के साथ कथित सामूहिक बलात्कार और मौत के मामले की सुनवायी हुई। इस दौरान पीड़िता के परिजन और हाथरस के डीएम और एसपी अदालत के समक्ष उपस्थित हुये। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने कोर्ट ने पीड़ित पक्ष के सदस्यों की बातें सुनीं कोर्ट ने शासन के अधिकारियों और डीएम हाथरस से सवाल किये। सरकार की तरफ से वकील विनोद शाही ने विस्तृत जवाब दिया। इस दौरान हाईकोर्ट ने पुलिस की कार्यवाही पर नाराजगी जतायी।अब इस मामले की सुनवायी दो नवंबर को होगी। इससे पहले कड़ी सुरक्षा व्यवस्था में पीड़िता के माता-पिता समेत पांँच परिजन लखनऊ पहुंँचे और कोर्ट में अपनी बातें रखीं। साथ ही उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से भी कई अधिकारी अदालत में मौजूद रहे। पीड़िता के परिजनों ने कोर्ट में भी कहा कि अंतिम संस्कार उनकी सहमति के बिना रात के समय कर दिया गया। परिजनों ने यह भी कहा कि अंतिम संस्कार में हमें शामिल तक नहीं किया गया और आगे जांँच में फंसाये जाने की आशंका के साथ ही सुरक्षा को लेकर भी चिंता जतायी।पीड़िता परिवार के पक्ष की वकील सीमा कुशवाहा ने कहा कि सरकारी पक्ष ने अपनी बात कहने के लिये और वक्त मांगा है, जिसके बाद दो नवंबर की तारीख दी गयी है।


















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