डॉ. साधना रहटगांव कर.... रूह जब वजूद में आए तो ग़ज़ल होती है कोई जब दिल को दुखाए तो ग़ज़ल होती है
महासमुंद 10 जुन 2021- शासकीय महाप्रभु वल्लभाचार्य स्नातकोत्तर महाविद्यालय महासमुंद में 10 जून को डॉ. ज्योति पांडे प्राचार्य एवं संरक्षक एलुमनी समिति दाऊ लाल चंद्राकर, अध्यक्ष डॉ रीता पांडे संयोजक डॉक्टर दुर्गावती भारती सचिव एलुमनी समिति के संयोजन एवं मार्गदर्शन में गजल कविता एवं व्यंग्य विधा पर वर्चुअल साहित्यिक गोष्ठी का आयोजन किया गया। कोविड-19 के दौर में विद्यार्थियों को एक सकारात्मक सोच साहित्य लेखन की ओर प्रेरित करने हेतु एलुमनी के अकादमी के योगदान के तहत यह आयोजन किया गया। जिसमें महाविद्यालय के भूतपूर्व विद्यार्थियों ने गजल कविता व्यंग्य एवं लघु कथा के बारे में जानकारी प्रदान की एवं अपने गजल कविता एवं लघु कथा को प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम के प्रारंभ में स्वागत भाषण डॉ. रीता पांडे ने प्रस्तुत किया। प्राचार्य डॉ. ज्योति पांडे ने अपने उद्बोधन में साहित्य के महत्व को अलग-अलग ढंग से परिभाषित किया और कहा की वही साहित्य मूल्यवान हैं, जो विद्यार्थियों को प्रेरित कर सकें। दाऊ लाल चंद्राकर जी ने कहा महासमुंद में कला के इतिहास एवं कलाकारों के विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि यह क्षेत्र शुरू से ही कला एवं संस्कृति का केंद्र बिंदु रहा है। उसी परंपरा पर आज भी यह क्षेत्र आगे की ओर निरंतर प्रगति कर रहा है। डॉक्टर दुर्गावती भारती ने अतिथि वक्ताओं का परिचय दिया अशोक शर्मा ने कहा कि अनेक शेरों को मिला दिया जाए तो ग़ज़ल है एवं अपनी ग़ज़ल प्रस्तुत की डॉ. साधना रहटगांव कर सहायक प्राध्यापक हिंदी एवं प्रसिद्ध गजल गायिका महाविद्यालय की एलुमनी ने गजल विषय पर प्रकाश डालते हुए कहा ...रूह जब वजूद में आ जाए तो ग़ज़ल होती है कोई जब दिल को दुखाए तो ग़ज़ल होती है कभी महफिल में कभी तन्हाई में रह रह कर रुलाए तो ग़ज़ल होती है एवं बहुत सुंदर ग़ज़ल का गायन किया डॉ अनुसूया अग्रवाल विभागाध्यक्ष हिंदी ने कविता विधा पर विस्तृत रूप से प्रकाश डाला श्रीमती सरिता तिवारी कवित्री बेटियों की सुरक्षा पर कविता पढ़ी एवं छत्तीसगढ़ी कविता कौन जाने mankhe कहां गवा गे विषय पर अपनी कविता प्रस्तुत की श्रीमती सीमा रानी प्रधान ने मल य पवनसा सुरभित सुरभित महका दूं तुम्हें एवं मोहन मन मोहिनी रूप तेरा मन को बांध लेता है पर कविता पढ़ी श्री महेश कुमार राजा लघु कथा कार ने व्यंग एवं लघुकथा पर जानकारी देते हुए बताया कि लघु कथा भूमिका विहीन विधा है एवं याददाश्त शीर्षक पर अपनी लघु कथा प्रस्तुत की कार्यक्रम के आयोजन में एलुमनी समिति के पदाधिकारी संजय शर्मा उपाध्यक्ष, खिलावन बघेल सह सचिव ,अजय कुमार राजा कोषाध्यक्ष एवं प्रबंध कारिणी समिति के सम्माननीय सदस्यों महाविद्यालय की एलुमनी संचालन समिति के सदस्यों डॉ. जया ठाकुर, डॉक्टर ए करीम पूर्व कोषाध्यक्ष सहसंयोजक डॉक्टर मालती तिवारी डॉक्टर वैशाली, गौतम हिरवे, मुकेश जी, राजेश शर्मा के सहयोग से हुआ वर्चुअल साहित्यिक गोष्ठी का लाभ महासमुंद से बाहर रहने वाले एलुमनी सदस्यों ने ऑनलाइन शामिल होकर लाभ लिया एवं वर्तमान अध्ययनरत विद्यार्थियों की भी सहभागिता रही कार्यक्रम का संचालन राजेश शर्मा एवं आभार प्रदर्शन डॉक्टर जया ठाकुर द्वारा किया गया कार्यक्रम में उपस्थित एलुमनी सदस्यों ने वर्चुअल साहित्यिक गोष्ठी को काफी सराहा एवं प्रशंसा की एवं महाविद्यालय की एलुमनी समिति को शुभकामनाएं दी।



















No comments:
Post a Comment
Please do not enter any spam link in the comment box.