सिम्स में 48 चिकित्सा शिक्षकों को नियम विरुद्ध पदोन्नति निरस्त करने की मांग- छत्तीसगढ़ प्रदेश स्वास्थ्य कर्मचारी संघ
रतनपुर ताहिर अली की रिपोर्ट
अधिकरियों/कर्मचरियों की नियुक्ति एवं पदोन्नति के लिए शासन द्वारा आवश्यकतानुसार पदों का सृजन करते हुए उक्त पदों पर नियुक्ति हेतु विज्ञापन का प्रकाशन करते हुए नियुक्ति की सम्पूर्ण प्रक्रियाओं का पालन कर नियुक्ति प्रदान की जाती है ।
एवं वरिष्ठता के आधर पर बनाय गए नियमानुसार विभाग द्वारा पदोन्नति का लाभ भी दिया जाता है
शासन के नियमानुसार प्रदेश के समस्त शासकीय चिकित्सा महाविद्यालयों के विभिन्न विभागों से चिकित्सा शिक्षकों के वरिष्ठता सूची के आधर पर प्रदेश स्तर पर वरिष्ठता क्रम का निर्धारण करते हुए पदोन्नत किए जाने अनुशंसा कर विभाग प्रमुख लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग चिकित्सा शिक्षा को भेजा जाता है ।जिसके आधर पर विभाग प्रमुख द्वारा पदोन्नति सूची जारी की जाती है।किंतु सिम्स प्रशासन द्वारा बिना अधिकार के उन चिकित्सा शिक्षकों का जिनका शासन के विभाग में विलय ही नहीं हुआ है जिन्हें तदर्थ पदोन्नति दी गई थी ।उन नियम विरुद्ध तदर्थ पदोन्नत चिकित्सा शिक्षकों का सिम्स प्रशासन ही 9/12/2009 को स्थायीकरण आदेश जारी किया गया जिसकी प्रति शासन को भेजना भी उचित नहीं समझा विभागाध्यक्ष कार्यालय द्वारा भी षड्यंत्र पूर्वक जिन48 चिकित्सकों का विभाग में विलय नहीं हुआ है उन्हें प्रदेश के अन्य shaskiy चिकित्सा महाविद्यालयों में कार्यरत चिकित्सकों के लिए प्रसारित वरिष्ठता सूची में जोड़ते हुए उन्हें पदोन्नति का लाभ दिया जाकर समान्य प्रशासन द्वारा जारी नियुक्ति एवं पदोन्नति के नियमों की अनदेखी कर पात्र चिकित्सकों को पदोन्नति के लाभ से वंचित कर उनके अधिकार का हनन किया गया।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार अवैध पदोन्नति प्राप्त 48 चिकित्सा शिक्षकों की सेवा पुस्तिका का सत्यापन कोष एवं लेखा विभाग इस लिए नहीं कर रहा है कि उनकी सेवा पुस्तिका में शासन द्वारा विभाग में किए गए विलय आदेश नहीं है ।सिम्स में नियम विरुद्ध सेवायें दे रहे चिकित्सा शिक्षक जिनका विलय विभाग में नहीं हुआ है जिन्हें समय समय पर नियम विरुद्ध पदोन्नति का लाभ देते हुए अधिष्ठाता एवं चिकित्सा अधीक्षक बना दिया गया
वहीं दूसरी तरफ शासन के नियमानुसार विज्ञापन के आधर पर नियुक्ति प्रक्रिया का पालन करते हुए 320 कर्मचरियों की वर्ष 2013-14/14-15men नियुक्ति प्रदान की गई थी उन्हें सात वर्षों से वार्षिक वेतनवृद्धि के लाभ से वंचित रख आर्थिक प्रताड़ना दिया जा रहा है छत्तीसगढ़ प्रदेश स्वास्थ्य कर्मचारी संघ पदोन्नति को निरस्त करते हुए भुगतान किए गए वेतन की वसूली करते हुए उन्हें पदच्युत करने किया है मांग के लिए




















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