Breaking

अपनी भाषा चुने

POPUP ADD

सी एन आई न्यूज़

सी एन आई न्यूज़ रिपोर्टर/ जिला ब्यूरो/ संवाददाता नियुक्ति कर रहा है - छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेशओडिशा, झारखण्ड, बिहार, महाराष्ट्राबंगाल, पंजाब, गुजरात, आंध्रप्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटका, हिमाचल प्रदेश, वेस्ट बंगाल, एन सी आर दिल्ली, कोलकत्ता, राजस्थान, केरला, तमिलनाडु - इन राज्यों में - क्या आप सी एन आई न्यूज़ के साथ जुड़के कार्य करना चाहते होसी एन आई न्यूज़ (सेंट्रल न्यूज़ इंडिया) से जुड़ने के लिए हमसे संपर्क करे : हितेश मानिकपुरी - मो. नं. : 9516754504 ◘ मोहम्मद अज़हर हनफ़ी - मो. नं. : 7869203309 ◘ सोना दीवान - मो. नं. : 9827138395 ◘ आशुतोष विश्वकर्मा - मो. नं. : 8839215630 ◘ सोना दीवान - मो. नं. : 9827138395 ◘ शिकायत के लिए क्लिक करें - Click here ◘ फेसबुक  : cninews ◘ रजिस्ट्रेशन नं. : • Reg. No.: EN-ANMA/CG391732EC • Reg. No.: CG14D0018162 

Sunday, September 19, 2021

सिम्स में 48 चिकित्सा शिक्षकों को नियम विरुद्ध पदोन्नति निरस्त करने की मांग- छत्तीसगढ़ प्रदेश स्वास्थ्य कर्मचारी संघ

 सिम्स में 48 चिकित्सा शिक्षकों को नियम विरुद्ध पदोन्नति निरस्त करने की मांग- छत्तीसगढ़ प्रदेश स्वास्थ्य कर्मचारी संघ


..

रतनपुर ताहिर अली की रिपोर्ट

अधिकरियों/कर्मचरियों की नियुक्ति एवं पदोन्नति के लिए शासन द्वारा आवश्यकतानुसार पदों का सृजन करते हुए उक्त पदों पर नियुक्ति हेतु विज्ञापन  का प्रकाशन  करते हुए नियुक्ति की सम्पूर्ण प्रक्रियाओं का पालन कर नियुक्ति प्रदान की जाती है ।

एवं वरिष्ठता के आधर पर बनाय गए नियमानुसार विभाग द्वारा पदोन्नति का लाभ भी दिया जाता है


शासन के नियमानुसार किसी निजी संस्थान द्वारा नियुक्त किए गए अधिकारी कर्मचारी को विशेष परिस्थिति  में शासन द्वारा नियम निर्धारण करते हुए विभाग प्रमुख द्वारा उक्त अधिकारी कर्मचारी का विभाग में मर्ज करने स्पष्ट आदेश जारी करने उपरांत शासन के विभाग में नियुक्ति प्रदान करते हुए
 उनके वरिष्ठता का नियुक्ति दिनाँक साधारण किया जाता है

सिम्स संस्थान जिसे 2008 के पहले गुरु घासीदास युनिवर्सिटी  बिलासपुर द्वारा सम्पूर्ण अधिकार के साथ कार्य परिषद  के माध्यम से संचालित किया जा रहा था द्वारा वर्ष  2002 से 2007 के बीच सिम्स के विभिन्न विभागों के लिए 48 चिकित्सा शिक्षकों  की 2 वर्ष  की परिवीक्षा शर्तों पर पूर्ण  अस्थाई रूप से GGU के अधीन पदस्थापना दी गई थी ।उक्त नियुक्त किए गए चिकित्सा शिक्षकों का  वेतन सिम्स के स्थापना मद में विकल निय होगा ,उल्लिखित करने  के साथ साथ यदि किसी जांच मे आरक्षित वर्ग के उम्मीदवार के जाती के सबंध में कोई तथ्य  छुपाया जाता है तो उनकी नियुक्ति समाप्त मानी जाएगी तथा य़ह भी उल्लिखित है कि GGU  द्वारा समय समय पर निर्धारित अन्य शर्तें  मान्य करनी होगी ।
समस्त चिकित्सा शिक्षकों की नियुक्ति GGU के कार्य परिषद के आदेशानुसार  कुल सचिव द्वारा किया गया था छ ग शासन द्वारा 2008 में  GGU के पूर्ण नियंत्रण मे संचालित सिम्स को शासन के अधीन करते हुए GGU द्वारा नियुक्त किए गए अधिकारी कर्मचारी को उनके मूल संस्थान  ggu के लिए वापस किया गया था एवं जिला चिकित्सालय तथा शासकीय चिकित्सा  संस्थान से आए  अधिकारी कर्मचरियों का विलय किया गया था GGU  द्वारा नियुक्त किए गए चिकित्सा शिक्षकों को शासन द्वारा  चिकित्सा शिक्षा विभाग में विलय किए जाने सम्बन्धित कोई दस्तावेज सिम्स प्रशासन के पास उपलब्ध नहीं है।फिर किसा आधार पर उन्हें शासकीय कर्मी माना जा रहा है?

 शासन के नियमानुसार प्रदेश के समस्त शासकीय चिकित्सा महाविद्यालयों के विभिन्न विभागों से चिकित्सा शिक्षकों के वरिष्ठता सूची के आधर पर प्रदेश स्तर पर वरिष्ठता क्रम का निर्धारण करते हुए पदोन्नत किए जाने अनुशंसा कर विभाग प्रमुख लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग चिकित्सा शिक्षा को भेजा जाता है ।जिसके आधर पर विभाग प्रमुख द्वारा पदोन्नति सूची जारी की जाती है।किंतु सिम्स प्रशासन द्वारा बिना अधिकार के उन चिकित्सा शिक्षकों का जिनका शासन के विभाग में विलय ही नहीं हुआ है जिन्हें तदर्थ  पदोन्नति दी गई थी ।उन नियम विरुद्ध तदर्थ  पदोन्नत चिकित्सा शिक्षकों का सिम्स प्रशासन ही 9/12/2009 को स्थायीकरण आदेश जारी किया गया जिसकी प्रति शासन को भेजना भी उचित नहीं समझा विभागाध्यक्ष  कार्यालय द्वारा भी षड्यंत्र पूर्वक जिन48 चिकित्सकों का विभाग में विलय नहीं हुआ है उन्हें प्रदेश के अन्य shaskiy चिकित्सा महाविद्यालयों  में कार्यरत चिकित्सकों के लिए प्रसारित वरिष्ठता सूची में जोड़ते हुए उन्हें पदोन्नति का लाभ दिया जाकर समान्य प्रशासन द्वारा जारी नियुक्ति एवं पदोन्नति के नियमों की अनदेखी कर पात्र  चिकित्सकों को पदोन्नति के लाभ से वंचित कर उनके अधिकार का हनन किया गया।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार अवैध पदोन्नति प्राप्त 48 चिकित्सा शिक्षकों की सेवा पुस्तिका का सत्यापन कोष एवं लेखा विभाग इस लिए नहीं कर रहा है कि उनकी सेवा पुस्तिका में शासन द्वारा विभाग में किए गए विलय आदेश नहीं है ।सिम्स में नियम विरुद्ध सेवायें दे रहे चिकित्सा शिक्षक जिनका विलय विभाग में नहीं हुआ है जिन्हें समय समय पर नियम विरुद्ध पदोन्नति  का लाभ देते हुए अधिष्ठाता एवं चिकित्सा अधीक्षक बना दिया गया

 वहीं दूसरी तरफ शासन के नियमानुसार विज्ञापन के आधर पर नियुक्ति प्रक्रिया का पालन करते हुए 320 कर्मचरियों की वर्ष 2013-14/14-15men नियुक्ति प्रदान की गई थी उन्हें सात वर्षों से वार्षिक वेतनवृद्धि के लाभ से वंचित रख आर्थिक प्रताड़ना दिया जा रहा है छत्तीसगढ़ प्रदेश स्वास्थ्य कर्मचारी संघ पदोन्नति को निरस्त करते हुए भुगतान किए गए वेतन की वसूली करते हुए उन्हें पदच्युत करने किया है मांग के लिए

No comments:

Post a Comment

Please do not enter any spam link in the comment box.

Hz Add

Post Top Ad