भटक रहें हैं हितग्राही जानबूझकर परेशान किया जा रहा कार्य किए मजदूर को।
छुरिया -ताहिर खान:- जनपद पंचायत छुरिया के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत रानीतालाब में लगातार वित्तीय अनियमितता को लेकर सुर्खियों में बना हुआ है वहीं एक और मामला सामने आया है जिसमें रोजगार सहायक की गैर जिम्मेदाराना रवैया से एक गरीब मजदूर परिवार की मनरेगा में की गई मेहनत की राशि को दूसरे लोग उड़ा रहे हैं। मिल रही जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत रानीतालाब के आश्रित ग्राम कुबराडीह के बुधराम दास पिता स्वर्गीय दीना दास की खाता संख्या 7022815464 व उनकी पत्नी बसंती बाई मनरेगा के तहत हुए कार्यों में मेहनत कर परिवार चलाता है वहीं उनके एक पुत्र अपंग है इस प्रकार की दयनीय स्थिति पर रोजगार सहायिका की बेपरवाही से पिडी़त के परिवार में बहुत समस्या खड़ी हो रही है। बुधराम की पत्नी बसंती बाई ने मिडीया को बताया कि मनरेगा की राशि पिछले दो सालों से नहीं आ रही है जिस पर जनपद कार्यालय भी गई थी जहां से आपका राशि दूसरे खाते में जा रही है कह कर खाता नंबर 7023219346 दिया गया। जिसे ग्रामीण बैंक चिचोला में जाकर पता करने पर रानीतालाब के सरपंच पति के छोटे भाई कुबराडीह निवासी मेंट कार्य करने वाले गैंदालाल की पत्नी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता है कि खाते में जा रही है। जिसको लेकर गैंदलाल से बसंती बाई ने कहा तो जहां जो करना है कर ले मैं राशि नहीं दूंगा कि धमकी गैंद लाल के द्वारा पिडि़ता को दिया गया वहीं इस मामले को रोजगार सहायिका भारती लहरे भी जानकारी के बावजूद गरीब परिवार कार्यालयों के चक्कर काट रहे हैं पर मनरेगा मजदूरी राशि नहीं मिल पा रही है। जबकि रोजगार सहायिका को चाहिए था कि इस खाते में आपका राशि गया है मैं वापस दिला दुंगी और वापस कराना था हर सप्ताह, महिने में मनरेगा की राशि खातों आ जाता है। लेकिन दो सालों तक की राशि को क्यों रोजगार सहायिका ने ध्यान नहीं दिया या जानबूझ कर ऐसा होने दिया।
रोजगार सहायिका की पहले भी लापरवाही आई है सामने।
वहीं ग्रामीणों ने बताया कि रोजगार सहायक की हमेशा लापरवाही को दबा दिया जाता रहा है पहले भी कई मामले सामने आए थे। अभी हाल ही में सड़क बंजारी में तालाब गहरीकरण कार्य में 40 मजदूरों की मजदूरी भुगतान नहीं कराया गया था जिस पर ग्रामीणों ने शिकायत किया और जांच में सही पाए जाने पर संबंधित तकनीकी सहायक, पंचायत सचिव और रोजगार सहायिका भारती लहरे से ₹14080 वसूली किया गया है वहीं सूत्रों के अनुसार कुबराडीह तालाब गहरीकरण कार्य में फर्जी हाजिरी की कुबराडीह के युवक ने जनपद में सूचना का अधिकार लगाया था जिस पर शिकायत करने से पहले किसी ने उनके घर में जाकर धमकी दिया गया था जिस कारण वह मामला सामने नहीं आ पाया।
फिलहाल मनरेगा की मजदूरी भुगतान दो सालों से किसी अन्य के खाते में जा रही है जिसको जानते हुए भी रोजगार सहायिका के द्वारा बहुत बड़ी लापरवाही बरती गई है। जिस पर जनपद अधिकारी को इस मामले में संज्ञान लेकर जल्द ही मनरेगा मजदूरी राशि हितग्राही को वापस कराया जाना चाहिए और अपने कार्य में लापरवाही बरतने वाली रोजगार सहायिका के ऊपर कड़ी कार्यवाही किया जाना चाहिए।



















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