Breaking

अपनी भाषा चुने

POPUP ADD

सी एन आई न्यूज़

सी एन आई न्यूज़ रिपोर्टर/ जिला ब्यूरो/ संवाददाता नियुक्ति कर रहा है - छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेशओडिशा, झारखण्ड, बिहार, महाराष्ट्राबंगाल, पंजाब, गुजरात, आंध्रप्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटका, हिमाचल प्रदेश, वेस्ट बंगाल, एन सी आर दिल्ली, कोलकत्ता, राजस्थान, केरला, तमिलनाडु - इन राज्यों में - क्या आप सी एन आई न्यूज़ के साथ जुड़के कार्य करना चाहते होसी एन आई न्यूज़ (सेंट्रल न्यूज़ इंडिया) से जुड़ने के लिए हमसे संपर्क करे : हितेश मानिकपुरी - मो. नं. : 9516754504 ◘ मोहम्मद अज़हर हनफ़ी - मो. नं. : 7869203309 ◘ सोना दीवान - मो. नं. : 9827138395 ◘ आशुतोष विश्वकर्मा - मो. नं. : 8839215630 ◘ सोना दीवान - मो. नं. : 9827138395 ◘ शिकायत के लिए क्लिक करें - Click here ◘ फेसबुक  : cninews ◘ रजिस्ट्रेशन नं. : • Reg. No.: EN-ANMA/CG391732EC • Reg. No.: CG14D0018162 

Thursday, September 16, 2021

अनुकम्पा नियुक्ति हेतु अनशन पर बैठी विधवाओंके समर्थन में आई दीपिका कहा महिलाओं का दर्द क्या जाने संवेदनहीन भूपेश सरकार

 


सुकमा से संजय सिंह भदौरिया की रिपोर्टर

रायपुर  बूढ़ातालाब धरना स्थल पर पहुंच कर की विधवाओं से बात 



पिछले 57 दिन से अनशन कर रही विधवाओं ने प्रशासन के आश्वाशन पर खत्म की अपनी हड़ताल



छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के बूढ़ातालाब के पास पिछले सन्तावन दिनों से अनुकम्पा नियुक्ति को लेकर महिलाओं के द्वारा आंदोलन किया जा रहा था परन्तु सरकार की ओर से इस पर कोई ठोस प्रतिक्रिया अभी तक नहीं दी गई है इस मामले पर भाजपा नेत्री भाजयुमो प्रदेश उपाध्यक्ष अधिवक्ता दीपिकाशोरी ने रायपुर बूढ़ा तालाब धरना स्थल पर पहुंच कर इन पीड़ित विधवाओं से बात की व भूपेश सरकार को संवेदनहीन सरकार की संज्ञा देते हुए उन्हें महिलाओं का दर्द क्या होता है कहा उन्होंने कहा कि पूरे प्रदेश में 2004 से 2018 तक 1300 मामले पेंडिंग है जो कि कर्मियों के  संविलियन से पहले के मामले हैं  

अनुकंपा नियुक्ति की माँग क़ो लेकर भूख हड़ताल पर बैठी विधवाओं की सारी मांगे जायज है 


अनुकंपा नियुक्ति को लेकर राजधानी में हड़ताल कर रही  कुछ महिलाओं के पति,कुछ के भाई तो कुछ महिलाओं के पिता असमय स्वर्गवासी हो गए हैं ऐसे में शासन की जिम्मेदारी होती है कि उन परिवारों का ख्याल रखे,क्योकि की जिस परिवार को मुखिया ही गुजर जाय उसकी हालत क्या होती है शायद यह उस परिवार की महिला से बेहतर कोई नहीं जान सकता। कोई ठोस निर्णय लिए बिना इन विधवाओं को सत्ता का धौंस दिखाकर शासन इनका आंदोलन समाप्त करने में सफल तो हो गई परन्तु मैं उन्हें चेताना चाहती हूं कि यदि जल्द ही इस दिशा में इन विधवाओं के हित मे सरकार कोई ठोस निर्णय नहीं लेती है तो युवामोर्चा इन विधवाओं के साथ सड़क से सदन तक कि लड़ाई लगेगी

No comments:

Post a Comment

Please do not enter any spam link in the comment box.

Hz Add

Post Top Ad