पंचायत चुनावः लड़ना भी हुआ महंगा, सरपंच और पंच के लिए पहली बार लगेगी जमानत राशि
सीएन आई न्यूज सिवनी म.प्र.से छब्बी लाल कमलेशिया की रिपोर्ट
सिवनी/ उम्मीदवारों के लिए इस बार पंचायत चुनाव लड़ना महंगा होने जा रहा है। ग्राम पंचायत में सरपंच और पंच का चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवार को अब तक निक्षेप( जमानत) राशि नहीं लगती थी, लेकिन पहली बार उनके लिए भी निक्षेप राशि जमा कराने का नियम बनाया गया है। सरपंच के उम्मीदवार को दो हजार और पंच, के उम्मीदवार को चार सौ रुपये निक्षेप राशि देनी पड़ेगी। यह राशि नामांकन पत्र जमा करने के साथ ही देनी होगी। दूसरी तरफ जिला और जनपद पंचायत सदस्य के उम्मीदवारों के लिए भी निक्षेप राशि बढ़ा दी गई है। जिला पंचायत सदस्य के लिए आठ हजार और जनपद सदस्य के उम्मीदवार को चार हजार रूपये निक्षप राशि जमा करनी होगी। इससे पहले हुए वर्ष 2014 के पंचायत चुनाव में जिला पंचायत सदस्य और जनपद पंचायत सदस्य के उम्मीदवारों के लिए निक्षेप राशि कम थी। अनुसूचित जाति अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और महिला अभ्यर्थी को सभी पदों के लिए तय निक्षेप राशि की आधी राशि जमा करनी होगी। उम्मीदवारों को नाम निर्देशन पत्र के साथ में आवश्यकता दस्तावेजों के अलावा निर्धारित निक्षेप राशि भी जमा करनी अनिवार्य है। जिला पंचायत सदस्य के लिए जिला मुख्यालय, जनपद पंचायत सदस्य के लिए विकासखंड मुख्यालय और सरपंच व पंच पद के लिए विकासखंड मुख्यालय तथा क्लस्टर स्तर पर नाम निर्देशन - पत्र लिया जाएंगे। नाम निर्देशन पत्रों की जांच रिटर्निंग अधिकारी स्वयं करेंगे। जांच के दौरान यदि केवल एक अभ्यर्थी शेष रहता है, तो उसका पुनरीक्षण पंच या सरपंच के लिए अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, जनपद सदस्य के लिए कलेक्टर और जिला पंचायत सदस्य के लिए संभागायुक्त करेंगे। पंचायतों के निर्वाचन के लिए मतदान का समय सुबह 7 बजे से दोपहर 3 बजे तक रहेगा।
इस प्रकार रहेगी नामांकन की राशि
सरपंच पद के लिए दो हजार रुपये पंच के लिए 400 सौ रुपये जिला पंचायत सदस्य के लिए आठ हजार रुपये
बिजली बिल बाकी होने पर नहीं लड़ पाएंगे पंचायत का चुनाव
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की अधिसूचना जारी होने के साथ नामांकन पत्र जमा करने का सिलसिला भी प्रारंभ हो गया। जिले और जनपद पंचायत का सदस्य, पंच और सरपंच का चुनाव लड़ने के लिए अभ्यर्थी को यह प्रमाण पत्र देना होगा कि उसके ऊपर बिजली का बिल बाकी नहीं है. इसके साथ ही पंचायत स्तर पर लगने वाले शुल्क के बाकाया नहीं होने का प्रमाण पत्र भी देना होगा। आरक्षित वर्ग का सदस्य होने पर जाति प्रमाण पत्र भी प्रस्तुत करना होगा। नामांकन पत्रों की जांच के लिए तय समय सीमा से पहले प्रमाण पत्र यदि नहीं दिया जाता है तो नामांकन निरस्त कर दिया जाएगा। राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव राकेश सिंह ने बताया कि अभ्यर्थीयों को आपराधिक रिकार्ड और शैक्षणिक योग्यता के संबंध में घोषणा पत्र होगा। जिला और जनपद सदस्य के और सरपंच पद के अभ्यर्थियों को स्वयं, पति व पत्नी और आश्रितों की आयकर विवरणी में दर्शित कुल आय चल अचल संपत्ति का विवरण सार्वजनिक एवं वितीय संख्याओं और सरकार के प्रति देनदारियों का ब्योरा बताना होगा। इसके साथ ही यह भी शपथ पत्र देना है कि पंचायत तथा शासकीय भूमि पर उसके द्वारा अतिक्रमण नहीं किया गया है और घर में शौचालय है।


















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