राज्यपाल ने दो दंडित बंदियों की समय पूर्व रिहाई की दया याचिका स्वीकृत की।
सी एन आई न्यूज़ के लिए पुरुषोत्तम जोशी
राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके ने केन्द्रीय जेल बिलासपुर में निरूद्ध दंडित बंदी विष्णु पिता चैतुराम तथा केन्द्रीय जेल अंबिकापुर में निरूद्ध दंडित बंदिनी रजकली देवी पति सहदेव की समय पूर्व रिहाई की दया याचिका स्वीकृत किया है। भारतीय संविधान के अनुच्छेद 161 के तहत दोनों ही प्रकरणों में यह स्वीकृति प्रदान की गई है।
आवेदक/दण्डित बंदी विष्णु पिता चैतुराम के समय पूर्व रिहाई की दया याचिका प्रकरण में जेल अधीक्षक, पुलिस अधीक्षक एवं जिला दण्डाधिकारी द्वारा अनुशंसा की गई थी। बंदी को भा.द.वि. के विभिन्न धाराओं के तहत् आजीवन कारावास से दंडित किया गया था। इसी प्रकार आवेदिका/दंडित बंदिनी रजकली देवी पति सहदेव की समय पूर्व रिहाई की दया याचिका प्रकरण में जेल अधीक्षक द्वारा अनुशंसा की गई थी। बंदी को भा.द.वि. के धारा 302, 201 के तहत् दंडित किया गया था।
राज्यपाल सुश्री अनुसुईया उइके ने उपरोक्त दोनों आवेदकों की दया याचिका पर संवेदनशीलता के साथ विचार करते हुए भारतीय संविधान के अनुच्छेद 161 के तहत समय पूर्व रिहाई की याचिका का अनुमोदन किया है।


















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