पिथौरा विकासखंड स्तरीय चार दिवसीय एफ एल एन मेंटर्स प्रशिक्षण दिनांक 19 दिसंबर 2022 से 22 दिसंबर 2022 तक वन काष्ठागार पिथौरा में संपन्न हुआ।
इस कार्यक्रम के मार्गदर्शक विकासखंड शिक्षा अधिकारी के के ठाकुर व बीआरसीसी अतुल प्रधान जी के मार्गदर्शन में सहायक विकासखंड शिक्षाअधिकारी एल डी चौधरी ने कार्यक्रम का प्रारंभ करते हुए प्रशिक्षण के उद्देश्य पर प्रकाश डाले। कार्यक्रम का समन्वय करते हुए नोडलअधिकारी अरुण देवता,वरिष्ठ समन्वयक बालाराम दीवान,खगेश्वर डड़सेना,विक्रम वर्मा,टेकराम निषाद, खेमू निषाद ने सहयोग प्रदान किए। इन चार दिवसों में हमारे प्रशिक्षक द्वय राजाराम पटेल व दुर्वासा गिर गोस्वामी ने प्रत्येक दिवस राज्यगीत व राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम को गति प्रदान किए,दोनों ने विषय को रोचक बनाने बाल सुलभ बाल गीत प्रस्तुत कर उसे विषय से जोड़े।कार्यक्रम के बीच अंतर्यामी प्रधान प्रधानपाठक एवं छविराम पटेल वरिष्ठ शिक्षक उपस्थित हुए उन्होंने एल एल एफ व निपुण भारत पर अपने व्याख्यान प्रस्तुत किए।
हमारे प्रमुख मेंटर राजाराम पटेल ने निपुण भारत अभियान का लक्ष्य,उद्देश्य,बुनियादी कौशल क्यों जरूरी हैं? बुनियादी साक्षरता क्या है? साथ ही गणित विषय शिक्षण पर अपने विषय सामग्री प्रस्तुत कर चर्चा-परिचर्चा किए। दुर्वासा गिर गोस्वामी ने बच्चों की बुनियादी साक्षरता की कमी के कारणों पर उपस्थित विकासखंड के 84 मेंटी साथियों से संवाद स्थापित किए।धमतरी से सरल कार्यक्रम के सफल क्रियान्वयन के लिए आए कुलेश्वर साहू ने सरल कार्यक्रम की उपादेयता निपुण भारत के संदर्भ में प्रस्तुत करते हुए असर का टेस्टिंग टूल,अंगना मा शिक्षा 3.0 कार्यक्रम,सामाजिक अंकेक्षण,जीपीएप्प प्रविष्टि संबंधी विस्तृत जानकारी प्रदान किए। इन चार दिवसों में प्रतिभागियों ने अपने फीडबैक भी दिए साथ प्रशिक्षण को रोचक बनाने राधानिषाद, कामायनी पंडा,प्रज्ञा दीवान, लेखराम देवांगन,डिगम साहू,डोलामणि साहू, पदुम जगत,खेमराज मरकाम,कुमार श्रीवास, लहरे जी,सुशील भोई आदि ने विषय गत प्रेरणा गीतों से माहौल को सरस बनाए। पश्चात निष्कर्ष रूप में हम सब ने हमारे मेंटर्स के साथ मिलकर निपुण भारत मिशन को सफल बनाने के लिए 3 से 9 वर्ष तक के बच्चों हेतु एक लक्ष्य निर्धारित किए कि बुनियादी संख्या ज्ञान व साक्षरता पर 100% उपलब्धि का लक्ष्य वर्ष 2026-27 तक हम सबको प्राप्त करना है और इस उद्देश्य में योगदान देना है यह योजना हमारे बच्चों को आगे के सीखने के लिए मजबूत बुनियाद देगी और प्रत्येक बच्चे को उनकी जरूरत के अनुसार अवसर मिले जिससे कि बच्चों की सीखने में भागीदारी व अपनी परिवेश से जुड़ने का उन्हें सौभाग्य प्राप्त हो,तभी निपुण भारत के लक्ष्य तक हम सब पहुंच सकते हैं, इस विचार को बल देते हुए प्रशिक्षण के अंतिम दिवस व्याख्याता अक्षय साहू ने शिक्षक साथियों को गणित शिक्षण प्रभावी बनाने हेतु आह्वान किए। प्रतिवेदन वाचन डोलामणि साहू तथा दिशानिर्देश व आभार प्रदर्शन एल डी चौधरी (सहायक विकासखंड अधिकारी) ने किया।



















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