जिला सिवनी मध्यप्रदेश वन विभाग ने दबिश देकर 6 कछुआ तस्कर को पकड़ा
जिले के आदिवासी बाहुल्य विकासखंड लखनादौन मुख्यालय से जबलपुर रोड बायपास में पड़ोसी जिला नरसिंहपुर के करेली से कछुआ लेकर पहुंचे 6 लोगों को पुलिस ने धरदबोचा और उन्हें वन विभाग के हवाले कर दिया। सी एन आई न्यूज सिवनी/ वन विभाग लखनादौन से मिली जानकारी अनुसार नरसिंहपुर जिले से 6 लोग कछुआ लेकर लखनादौन पहुंचे थे और जबलपुर रोड बायपास के पास उसे बेचने की फिराक में थे तभी एक पुलिस और वन विभाग की टीम ने दबिश देकर उन्हें पकड़ लिया। पकड़े गये आरोपियों में आशीष पिता प्रकाश चंद श्रीवास्तव,पवन पिता नरेश सकवार,वीर सिंह पिता हल्के प्रसाद ठाकुर,अकील अहमद पिता हबबी कुरैशी, राकेश पिता हल्के प्रसाद जाटव पांचों निवासी करेली जिला नरसिंहपुर एवं शरद पिता रामप्रसाद जाटव निवासी अजनसिया गाडरवाड़ा नरसिंहपुर के नाम शामिल है। वन विभाग के द्वारा पकड़े गये 6 आरोपियों के विरुद्ध वन्य जीव संरक्षण अधिनियम 1972 की धारा 2,9,39,48,51,52,57, के तहत मामला पंजीबद्ध कर विवेचना की जा रही है उक्त कार्य वाही वन विभाग के एसडीओ गोपाल सिंह के मार्गदर्शन में की गई उक्त कार्य वाही में फारेस्ट गार्ड गुमास्ता, राजकुमार पटेल का विशेष योगदान रहा। गौरतलब होगा कि अंधविश्वास के चलते वन्य जीव कछुआ जैसे अनेक प्रजातियों की तस्करी की जाती है और अंधविश्वासियों ऐसा मानना है कि कछुआ की मदद से सट्टा का नंबर निकाला जा सकता है। इसी अंधविश्वास के चलते कछुआ के दाम लाखों रुपये में है जिसके चलते इसकी तस्करी हो रही है और संभवतः अंधविश्वास के चलते ही नरसिंहपुर से ये 6 लोग कछुआ बेचने या अन्य उद्देश्य से लखनादौन पहुंचे थे जिसकी जानकारी लगने पर वन विभाग और पुलिस विभाग की टीम के द्वारा कार्यवाही करते हुए इन्हें कछुआ के साथ रंगे हाथों पकड़ लिया गया। छब्बी लाल कमलेशिया की रिपोर्ट


















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