प्रधानमंत्री से चुनाव आयोग द्वारा कर्मचारियों और पेंशनरों हेतु दी गई अनुमति पर भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों हेतु डीए आदेश जारी होने पर जांच की मांग
22 नवंबर को जारी आईएएस व अन्य समकक्ष अधिकारियों की डीए आदेश निरस्त होनी चाहिए -- वीरेन्द्र नामदेव
रायपुर छत्तीसगढ़। भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ छत्तीसगढ़ प्रदेश के प्रांताध्यक्ष वीरेन्द्र नामदेव ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और पूर्व मुख्यमंत्री डा रमन सिंह को सोशल मीडिया के माध्यम से एक्स में पोस्ट कर अवगत कराकर जांच की मांग की है कि छत्तीसगढ़ राज्य में कर्मचारियों और पेंशनरों को जुलाई 23 से केन्द्र के समान 4% प्रतिशत डीए डीआर देने के लिए भारत निर्वाचन आयोग द्वारा 22 नवंबर 23 को दी गई अनुमति पर आदेश जारी क्यों?नहीं किए गए परन्तु अपने स्वयं हेतु बिना अनुमति प्राप्त किए उसी दिन त्वरित गति से 22 नवम्बर को ही 4% जनवरी 23 से और 4% जुलाई 23 से एरियर सहित दो किस्त डीए लेने के लिए दो अलग अलग आदेश जारी करके आचार संहिता के नियमावली का जानबूझकर उलंघन करने का अनैतिक कार्य किया गया है। इस पर तुरन्त जांच कर इसके लिए दोषी पर कार्यवाही करने की मांग की है ताकि भविष्य में कर्मचारियों और पेंशनरों की इस प्रकार उपेक्षा करने की पुनरावृति पर रोक लगाई जा सके।
जारी विज्ञप्ति में छत्तीसगढ़ राज्य संयुक्त पेंशनर फेडरेशन के प्रदेश संयोजक व राज्य कर्मचारी संघ छत्तीसगढ़ के पूर्व प्रांताध्यक्ष वीरेन्द्र नामदेव ने भारत निर्वाचन आयोग के बिना अनुमति राज्य में भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों के लिए 22 नवंबर 23 को जारी किए गए डीए के आदेश को तुरंत निरस्त करने और इस आदेश से भुगतान हो चुके राशि की वसूली करने की मांग की है और आरोप लगाया है कि छत्तीसगढ़ राज्य ब्यूरोक्रेट ने मितव्यतता के नाम भूपेश बघेल सरकार को गलत सलाह देकर पूरे 5 साल तक कर्मचारियों और पेंशनरों को केन्द्र सरकार द्वारा प्रति वर्ष जनवरी और जुलाई में दी जाने वाली डीए डीआर की किस्त समय पर देने में रोड़ा बने रहे और एरियर राशि तो कभी नहीं मिला। कर्मचारियों और पेंशनरों में इसको लेकर काफी रोष था जिसे उन्होंने विधान सभा चुनाव में दिखा दिया। ये ब्यूरोक्रेट की सरकार को निपटाने की साजिश तो नहीं था कभी कभी यह बात भी ध्यान में आता है।हद तो तब हो गई जब सरकार अंतिम सांसे गिन रही थी और भारत निर्वाचन आयोग ने अनुमति दे दिया तब भी कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए आदेश क्यों नहीं हुआ यह आज भी यक्ष प्रश्न बना हुआ है। सत्ता में आने वाली भाजपा सरकार को राज्य के ब्यूरोक्रेट से सावधान रहने की सलाह दिया है और अपने चुनावी घोषणा पत्र के अनुसरण में पहली केबिनेट में हर बार केन्द्र सरकार के अनुरूप डीए डीआर देने हेतु निर्णय पारित करने और अभी बकाया जुलाई 23 से डीए डीआर का भुगतान केंद्र के देय दर पर एरियर राशि सहित देने की मांग की है।
जारी विज्ञप्ति में भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ के राष्ट्रीय महामंत्री वीरेन्द्र नामदेव राष्ट्रीय उपाध्यक्ष द्रोपदी यादव राष्ट्रीय सचिव पूरन सिंह पटेल तथा प्रदेश के पेंशनर्स नेता क्रमश: भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ के कार्यकारी प्रांताध्यक्ष जे पी मिश्रा तथा अनिल गोल्हानी, बी एस दसमेर, सुरेश मिश्रा,बी के वर्मा,आर एन ताटी,दिनेश उपाध्याय,प्रदीप सोनी,आर जी बोहरे,राकेश जैन,महेश पोद्दार,ओ पी भट्ट, पी एन उड़कूड़े,रैमनदास झाड़ी, जगदीश कनौजिया,एस के घाटोडे, नैन सिंह, शंभू नाथ देहारी, डी आर गजेन्द्र, रणविजय सोनी,बसंत गुप्ता,पिताम्बर पारकर,हेमंत टांकसाले,नागेश कापेवार,प्रवीण त्रिवेदी, डॉ पी आर धृतलहरे,एच एल नामदेव,के आर राजपूत,विनोद जैन, सी एम पांडेय,जे पी भारतीय,गायत्री गोस्वामी,अनूप डे, मो. कसीमुद्दीन, कमलसाय भद्रे, मो. कासिम, सुभाष मंडल,सी एल चंद्रवँशी,बरातूराम कुर्रे,आई सी श्रीवास्तव, शैलेन्द्र कुमार सिंह,शरद अग्रवाल,डॉ एस पी वैश्य,बी डी उपाध्याय,बी एल यादव,नरसिंग राम,आर के नारद,सुरेश शर्मा,एस के चिलमवार,लोचन पांडेय,एस के एस श्रीवास्तव,आलोक पांडेय,तीरथ यादव,रमेशचन्द्र नन्दे,जगदीश सिंह,उर्मिला शुक्ला,कुंती राणा, वन्दना दत्ता, कलावती पाण्डे, पी भारती,परसराम यदु,अनूप योगी,ओ डी उपाध्याय,बी एल गजपाल,एन के भटनागर, डी के त्रिपाठी, एम आर शास्त्री, मीता मुखर्जी, सोमेश्वर प्रसाद तिवारी,हरेंद्र चंद्राकर,व्ही टी सत्यम, मो.अय्यूब खान,रविशंकर शुक्ला,गुज्जा रमेश,,लोकचंद जैन, एम एल पाल, अवधराम घृतलहरे,नागेंद्र सिंह आदि ने छत्तीसगढ़ में सत्तारूढ़ होनेवाली भाजपा सरकार से जुलाई 23 से केन्द्र के समान पेंशनरों और कर्मचारियों को डीए/डीआर एरियर सहित आदेश करने तथा धारा 49 को विलोपित करने हेतु जरूरी कार्यवाही करने की मांग किया है।
वीरेन्द्र नामदेव
9826111421


















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