अध्यक्ष बदलते ही कमीशन का खेल शुरू।
पार्टी पदाधिकारी स्वयं करवा रहे वसूली?
ठेकेदार कर सकते हैं बगावत।
सी एन आई छुरिया से राजू मंडावी की रिपोर्ट।
नगर पंचायत छुरिया हमेशा से ही चर्चा में रहा है। जहाँ पर पहले उपाध्यक्ष सलमान खान पर अविश्वास प्रस्ताव, उसके बाद नगर अध्यक्ष राजकुमारी सिन्हा पर अविश्वास प्रस्ताव पारित हुआ।
जिसके बाद कांग्रेस सरकार ने पार्षद सुनील लारोकर को अध्यक्ष बनाया। भाजपा की सरकार आने के बाद भाजपा ने सीमा सिन्हा को कार्यवाहक नगर अध्यक्ष नियुक्त किया है।
कार्यवाहक नगर अध्यक्ष नियुक्त होने के बाद से ही वसूली का सिलसिला जारी हो गया है? इस पुरे मामले के तह तक जाने पर पता चला की इसमें भाजपा के किसी मण्डल पदाधिकारी का हाथ है, जहाँ पर अध्यक्ष के माध्यम से वसूली को अंजाम दिए जाने की खबर है? ठेकेदारों से 10 प्रतिशत राशि देने के बाद ही चेक काटने की बात सामने आ रही है। जिसके बाद से ही नगर पंचायत छुरिया में ठेकेदारों के बीच अध्यक्ष के विरुद्ध रौष देखा जा रहा है। अध्यक्ष का साथ देने अन्य वार्ड की महिला पार्षद ठेकेदारों पर रौब दिखा रही है। जिसके बातों से ऐसा लग रहा की वो स्वयं अध्यक्ष हो।
खबर है की अध्यक्ष का रवैया अगर ऐसा ही रहा तो नगर पंचायत के सारे ठेकेदार मिलकर किसी भी समय अध्यक्ष के विरुद्ध विरोध प्रदर्शन कर सकते हैं।
पूर्व में भाजपा पार्षदों ने लिखित रूप से स्पष्ट भी किया था की *"कद्दू कटेगा तो सब में बंटेगा।"* इसी तर्ज पर आज छुरिया में भाजपा से नगर अध्यक्ष बनने के बाद कमीशन की राशि मण्डल भाजपा तक बांटने की योजना बन चुकी है? सूत्रों की मानें तो अध्यक्ष की कुर्सी के लिए भी मोटी रकम की डिमांड भाजपा पार्षदों से हुई थी, जिस पर अन्य भाजपा के पार्षदों से डील नहीं होने पर वर्तमान कार्यवाहक अध्यक्ष से डील फाइनल किया गया। अब ये तो समय ही बताएगा की डील कितने में हुई है? आगे देखना भी है की जितने में डील हुई क्या उतना रकम नगर पंचायत से निकाला भी जा सकता है? चुंकि छोटे से नगर पंचायत में कर्मचारीयों के वेतन के लिए 3 महीने से भुगतान रुका हुआ रहता है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की योजना सबका साथ, सबका विकास को ध्यान में रखते हुए नगर अध्यक्ष अपने साथ मण्डल भाजपा का भी ध्यान रखे हुए है। नगर अध्यक्ष नगर पंचायत में जिस तरह कमीशन का लेखा जोखा रखने अपने पुत्र के साथ डायरी लेकर घूम रही है, कमीशन का पूरा डील अपने पुत्र के माध्यम से कर रही है। इससे यह साफ है की समय बहुत कम है, जितना बँटोर सकते हो बँटोर लो। नगर अध्यक्ष को विकास से कोई सरोकार नहीं है। गर्मी लग चुकी है ऐसे में नगर की सबसे बड़ी समस्या पेयजल की होती है। लेकिन नगर नगर अध्यक्ष ने कोई ध्यान नहीं दिया है जो की नगर में चर्चा का विषय बना हुआ है।


















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