*🌞 ll~ वैदिक पंचांग ~ll 🌞*
🌤️ *दिनांक - 14 अक्टूबर 2024*
🌤️ *दिन - सोमवार*
🌤️ *विक्रम संवत - 2081*
🌤️ *शक संवत -1946*
🌤️ *अयन - दक्षिणायन*
🌤️ *ऋतु - शरद ॠतु*
🌤️ *मास - अश्विन*
🌤️ *पक्ष - शुक्ल*
🌤️ *तिथि - एकादशी सुबह 06:41 तक द्वादशी*
🌤️ *नक्षत्र - शतभिषा रात्रि 12:43 तक तत्पश्चात पूर्वभाद्रपद*
🌤️ *योग - गण्ड शाम 06:01 तक तत्पश्चात वृद्धि*
🌤️ *राहुकाल - सुबह 08:02 से सुबह 09:29 तक*
🌤️ *सूर्योदय -05:45*
🌤️ *सूर्यास्त- 06:01*
👉 *दिशाशूल - पूर्व दिशा मे*
🚩 *व्रत पर्व विवरण - त्रिस्पृशा पापांकुशा-पाशांकुशा एकादशी (भागवत),पंचक द्वादशी क्षय तिथि*
💥 *विशेष - 💥 *हर एकादशी को श्री विष्णु सहस्रनाम का पाठ करने से घर में सुख शांति बनी रहती है l राम रामेति रामेति । रमे रामे मनोरमे ।। सहस्त्र नाम त तुल्यं । राम नाम वरानने ।।*
💥 *आज एकादशी के दिन इस मंत्र के पाठ से विष्णु सहस्रनाम के जप के समान पुण्य प्राप्त होता है l*
💥 *एकादशी के दिन बाल नहीं कटवाने चाहिए।*
💥 *एकादशी को चावल व साबूदाना खाना वर्जित है | एकादशी को शिम्बी (सेम) ना खाएं अन्यथा पुत्र का नाश होता है।*
💥 *जो दोनों पक्षों की एकादशियों को आँवले के रस का प्रयोग कर स्नान करते हैं, उनके पाप नष्ट हो जाते हैं।*
👉🏻 *पापांकुशा-पाशांकुशा एकादशी व्रत कथा इसे एक बार जरूर सुने पापो का पहाड हो जाएगा दूर*⤵️
🌷 *वास्तु शास्त्र* 🌷
🏡 *गुलाब, चंपा व चमेली के पौधे घर में लगाना अच्छा माना जाता है क्योंकि इससे मानसिक तनाव व अवसाद में कमी आती है।*
🌷 *शरद पूर्णिमा* 🌷
➡️ *16 अक्टूबर 2024 बुधवार को शरद पुर्णिमा है।*
🌙 *शरद पूर्णिमा रात्रि में चन्द्रमा की किरणों में रखी हुई दूध – चावल की खीर का सेवन पित्तशामक व स्वास्थ्यवर्धक है | इस रात को सुई में धागा पिरोने से नेत्रज्योति बढ़ती है |*
🙏🏻 *स्त्रोत – लोककल्याण सेतु – सितम्बर – २०१६ से*
🌷 *शरद पूर्णिमा पर अध्यात्मिक उन्नति* 🌷
🌙 *शरद पूनम रात को आध्यात्मिक उत्थान के लिए बहुत फायदेमंद है । इसलिए सबको इस रात को जागरण करना चाहिए अर्थात जहाँ तक संभव हो सोना नही चाहिए और इस पवित्र रात्रि में जप, ध्यान, कीर्तन करना चाहिए ।*
🌷 *शरद पूनमः चन्द्र-दर्शन शुभ* 🌷
🙏🏻 *इस रात को हजार काम छोड़कर 15 मिनट चन्द्रमा को एकटक निहारना। एक-आध मिनट आँखें पटपटाना। कम-से-कम 15 मिनट चन्द्रमा की किरणों का फायदा लेना, ज्यादा करो तो हरकत नहीं। इससे 32 प्रकार की पित्तसंबंधी बीमारियों में लाभ होगा, शांति होगी।*
🌙 *फिर छत पर या मैदान में विद्युत का कुचालक आसन बिछाकर लेटे-लेटे भी चंद्रमा को देख सकते हैं।*
👁 *जिनको नेत्रज्योति बढ़ानी हो वे शरद पूनम की रात को सुई में धागा पिरोने की कोशिश करें।*
🙏🏻 *इस रात्रि में ध्यान-भजन, सत्संग कीर्तन, चन्द्रदर्शन आदि शारीरिक व मानसिक आरोग्यता के लिए अत्यन्त लाभदायक है।*
🌙 *शरद पूर्णिमा की शीतल रात्रि में (9 से 12 बजे के बीच) छत पर चन्द्रमा की किरणों में महीन कपड़े से ढँककर रखी हुई दूध-पोहे अथवा दूध-चावल की खीर अवश्य खानी चाहिए। देर रात होने के कारण कम खायें, भरपेट न खायें, सावधानी बरतें।*
🙏🏻 *क्या करें क्या न करें पुस्तक से*
🌞 *~ पंचांग ~* 🌞
🙏🍀🌷🌻🌺🌸🌹🍁🙏


















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