,, पटवारी की शिकायत,,,,,
करीब 40 वर्षों से है कब्जा
मानिकपुरी परिवार से ग्रामीण एवं पंचायत को नहीं है कोई परेशानी
छत्तीसगढ़ में ही नहीं देश में है ऐसे कब्जे
अमीर व्यक्ति पर नहीं होती करवाई
संतोष दास मानिकपुरी पिता पुष्कर दास मानिकपुरी ग्राम करही बाजार जिला बलौदा बाजार भाटापारा निवासी ने कलेक्टर कार्यालय में हल्का नंबर 28 पटवारी के मनमानी के खिलाफ आवेदन किया,,
,,,,,,, करीब 40 वर्षों से है कब्जा,,,,,,,
बलौदाबाजार। संतोष दास मानिकपुरी के पिता पुष्कर दास मानिकपुरी का कब्जा 1984 से इस जमीन पर है जिसे पटवारी ने खसरा नंबर बदल दिया 1984 से पुष्कर दास मानिकपुरी के द्वारा जमीन पर खेती-बाड़ी की जा रही थी आज उनके बेटे संतोष दास मानिकपुरी के द्वारा उस जमीन पर खेती-बाड़ी की जा रही है और अपने परिवार और अपना पालन पोषण उस जमीन पर छोटी-मोटी खेती करके मानिकपुरी परिवार के द्वारा किया जा रहा है परंतु यहां बात पटवारी को बर्दाश्त नहीं हो रही है इसलिए वहां उस जमीन से मनकपुरी परिवार के लोगों को बेदखल करने की साजिश रच करके उसका खसरा नंबर पटवारी के द्वारा बदल दिया गया आखिर एक गरीब निर्धन परिवार से पटवारी इस तरह की दुश्मनी निकाल रहा है समझ नहीं आता है यहां सवाल बना हुआ है,,,,,,
,,, मानिकपुरी परिवार से ग्रामीण एवं पंचायत को नहीं है कोई परेशानी,,,,,,,,
विगत 40 वर्षों से उस जमीन पर खेती बाड़ी कर रहे हैं मानिकपुरी परिवार के लोगों से किसी भी ग्रामवासी को या ग्राम पंचायत को कोई परेशानी नहीं है वह कब्जा की हुई जमीन पर खेती-बड़ी करके अपने परिवार का पालन पोषण कर रहा है जिससे पूर्व सरपंच एवं वर्तमान सरपंच को किसी भी प्रकार से कोई परेशानी नहीं हो रही है परंतु नौकरशाह पटवारी को इस परिवार से ऐसी क्या परेशानी हो गई है जो की एक गरीब परिवार को परेशान कर रहा है आखिर क्यों,,,,,,,,,
,,,,,, छत्तीसगढ़ में ही नहीं देश में है ऐसे कब्जे ,,,,,,,,,,,,,,
मानिकपुरी परिवार पहला परिवार नहीं है जिसने शासकीय भूमि पर कब्जा करके खेती बाड़ी कर रहा है संपूर्ण छत्तीसगढ़ एवं देश में ऐसे गरीब लोग जो खाली भूमि पर अपना आशियाना बना कर खेती-बाड़ी कर रहे हैं शासन भी ऐसे लोगों को स्थापित करने के लिए कई जगह पटटो का वितरण किया गया है देश में अधिकतर लोग सरकारी जमीन पर ही अपना अधिकार जमा कर रहे हैं आबादी की घास बीड़ एवं जंगल की जमीन पर लोग अपना आशियाना बनाए हुए हैं और कुछ लोग खेती-बाड़ी कर रहे हैं जिन्हें शासन भी मदद करता है परंतु यहां मामला छत्तीसगढ़ के बलौदा बाजार का सामने आया है जहां पर एक परिवार नौकरशाह की मनमानी से मानसिक रूप से परेशान होता हुआ नजर आ रहा है क्या देश में गरीब होना खाली जगह पर कब्जा करके अपने परिवार का पालन पोषण करना गुनाह है अगर ऐसा है तो सारे देश में नियम अनुसार सर्वे कर करके जितनी भी सरकारी भूमि है सबको खाली करवा देना चाहिए आखिर सरकार गरीबों की सुध कब लेगी कब तक गरीब आदमी इंसाफ के लिए भटकता रहेगा आखिर कौन राजनीतिक दल ऐसे गरीब परिवार को सहारा देंगे यहां देश पर सवाल बना हुआ है,,,
,, अमीर व्यक्ति पर नहीं होती करवाई,,,,,,
अगर पूरे छत्तीसगढ़ की बात करें तो ऐसी बहुत सारी जगह है जहां पर व्यापारियों ने कब्जा करके अपनी दुकान बनाए रखी है अपना मकान बनाए रखा है बहुत से राजनीतिक लोग उन्होंने भी सरकारी जमीन पर कब्जा करके रखा हुआ है दबंग लोगों ने अपराधी किस्म के लोगों ने किसी न किसी प्रकार से सरकारी जमीन पर अपना कब्जा जमाए बैठे हैं परंतु उन पर शासन प्रशासन कार्रवाई करने से पीछे हटता है परंतु अगर कोई गरीब परिवार अपने रहने के लिए अपनी जीविका चलाने के लिए किसी प्रकार से कब्जा करता है तो शासन प्रशासन के लोग उसे गरीब व्यक्ति परिवार को दबाव बनाकर के उसे जमीन से बेचकल कर देते हैं यह कैसा संविधान देश में लागू है सवाल बना हुआ है क्या माननीय कलेक्टर महोदय जी पटवारी पर निष्पक्ष जांच करवा करके कोई उचित कार्रवाई करेंगे या पटवारी के किसी राजनीतिक उच्च अधिकारियों से संबंध होकर जिसका लाभ उठाकर के पटवारी बच जाएगा क्या मानिकपुरी परिवार को इंसाफ मिलेगा क्या संतोष दास मानिकपुरी के पिता की जमीन पर मानिकपुरी को कब्जा दिया जाएगा यहां तो आने वाला समय ही बताएगा
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