नवदुर्गा के नौ स्वरूप स्त्री जीवन का पूर्ण बिम्ब
सी एन आइ न्यूज -पुरुषोत्तम जोशी ।
रायपुर-शारदीय नवरात्र का यह महापर्वर 3 अक्टूबर से शुरू होकर 11 अक्टूबर तक मनाया जा रहा है । नौ रूपों में स्त्री जीवन का पूर्ण बिम्ब
एक स्त्री के पूरे जीवनचक्र का बिम्ब है
नवदुर्गा के नौ स्वरूप
1 जन्म ग्रहण करती हुई कन्या “शैलपुत्री” स्वरूप है।
2 कौमार्य अवस्था तक “ब्रह्मचारिणी” का रूप है।
3 विवाह से पूर्व तक चंद्रमा के समान निर्मल होने से वह “चंद्रघंटा” समान है।
4 नए जीव को जन्म देने के लिए गर्भ धारण करने पर वह “कूष्मांडा” स्वरूप में है।
5 संतान को जन्म देने के बाद वही स्त्री “स्कन्दमाता” हो जाती है।
6 संयम व साधना को धारण करने वाली स्त्री “कात्यायनी” रूप है।
7 अपने संकल्प से पति की अकाल मृत्यु को भी जीत लेने से वह “कालरात्रि” जैसी है।
8 संसार (कुटुंब ही उसके लिए संसार है) का उपकार करने से “महागौरी” हो जाती है।
9 धरती को छोड़कर स्वर्ग प्रयाण करने से पहले संसार में अपनी संतान को सिद्धि (समस्त सुख-संपदा) का आशीर्वाद देने वाली “सिद्धिदात्री” हो जाती है।


















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