बाल विवाह मुक्त पंचायत बनाने के लिए स्कूल कॉलेज में चलाया जा रहा जागरूकता अभियान
जिलेभर में ऑनलाइन शपथ के माध्यम से लोगों को किया गया जागरूक
ग्रामीणों ने लिया बाल विवाह मुक्त पंचायत निर्माण का संकल्प*
विद्यार्थियों को बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 की जानकारी दी गई
कवर्धा 10 जनवरी 2026। कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा के निर्देशानुसार तथा जिला कार्यक्रम अधिकारी एवं महिला एवं बाल विकास अधिकारी के मार्गदर्शन में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा मिशन वात्सल्य अंतर्गत जिला बाल संरक्षण इकाई की टीम के माध्यम से कबीरधाम जिले में बाल विवाह की प्रभावी रोकथाम एवं “बाल विवाह मुक्त भारत” तथा “बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़” अभियान के तहत व्यापक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
इसी क्रम में जिला बाल संरक्षण इकाई की टीम द्वारा ग्रेसियस कॉलेज ऑफ नर्सिंग एवं ग्रेसियस कॉलेज ऑफ फार्मेसी, कवर्धा, श्रीरामकृष्ण पब्लिक स्कूल कवर्धा, ज्ञानदीप पब्लिक स्कूल बिरकोना, डीएवी एमपीएस स्कूल धर्मपुरा, अशोका पब्लिक स्कूल कवर्धा, डिवाइन पब्लिक स्कूल पंडातराई तथा सरदार पब्लिक स्कूल कुंडा में जाकर कॉलेज एवं स्कूल के विद्यार्थियों के साथ बाल विवाह के दुष्परिणामों तथा उसकी रोकथाम को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।
छत्तीसगढ़ राज्य को बाल विवाह मुक्त बनाने के उद्देश्य से सभी जिलों की ग्राम पंचायतों एवं नगरीय निकायों को बाल विवाह मुक्त घोषित करने का लक्ष्य रखा गया है। इसी को ध्यान में रखते हुए जिले की सभी ग्राम पंचायतों में टीम द्वारा निरंतर जन-जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। जागरूकता कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों एवं उपस्थित जनसमुदाय को ऑनलाइन लिंक एवं क्यूआर कोड के माध्यम से “बाल विवाह मुक्त” रहने की शपथ दिलाई गई तथा उन्हें डिजिटल प्रमाण पत्र भी प्रदान किए गए। इस अभियान में महाविद्यालय एवं विद्यालयों के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भागीदारी निभाई।
जानकारी दी गई कि भारत में बाल विवाह से संबंधित पहला कानून वर्ष 1929 में पारित किया गया था, जिसे बाल विवाह निरोधक अधिनियम (शारदा अधिनियम) के नाम से जाना जाता था, जिसमें लड़कियों की न्यूनतम आयु 14 वर्ष एवं लड़कों की 18 वर्ष निर्धारित की गई थी। वर्तमान में बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के अंतर्गत विवाह के लिए लड़की की न्यूनतम आयु 18 वर्ष एवं लड़के की 21 वर्ष निर्धारित है। कम उम्र में विवाह कराने पर 2 वर्ष तक का कठोर कारावास एवं एक लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है।
शासन द्वारा बाल विवाह की रोकथाम हेतु 17 जनवरी 2025 से ग्राम पंचायत सचिव को बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारी नियुक्त किया गया है तथा सभी पंचायतों में विवाह पंजीयन रजिस्टर का संधारण अनिवार्य किया गया है। बाल विवाह कराना कानूनन अपराध है और इसे क्रूरता की श्रेणी में रखा गया है, जिसे माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने 18 अक्टूबर 2024 के अपने निर्णय में भी स्पष्ट किया है। कार्यक्रम के दौरान यह भी बताया गया कि यदि कहीं किसी बच्चे का बाल विवाह किया जा रहा हो, तो इसकी तत्काल सूचना पंचायत सचिव, संबंधित विभाग अथवा चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 एवं 181 पर कॉल कर दी जा सकती है। जिला बाल संरक्षण इकाई की टीम द्वारा लोगों से बाल विवाह रोकने में सक्रिय सहयोग की अपील की गई।
शपथ जागरूकता कार्यक्रम में नर्सिंग कॉलेज के डायेक्टर श्री सी जी सैमुअल, जया सोने, हेड ऑफ डिपार्टमेंट नर्सिंग, स्वाती दुबे प्राचार्य ग्रेसियस कालेज ऑफ़ फार्मेसी, श्रीमती एम शारदा प्राचार्य रामकृष्ण पब्लिक स्कूल, श्री गजाधर साहू प्रचार्य डीएवी एमपीएस स्कूल श्री संजय श्रीवास्तव प्राचार्य ज्ञान दीप स्कूल, श्री पवन देवगन डायरेक्ट, श्री सोहन लाल प्राचार्य अशोका पब्लिक स्कूल श्री अविनाश सिंह ठाकुर परामर्शदाता, श्री विनय कुमार जघेल आउटरीच वर्कर, प्रिंसी गुप्ता आउटरिच वर्कर (मिशन वात्सल्य ), श्री धनसाय साहू वित्तीय सहायता समन्वयक एवं महाविद्यालय व स्कूल के सभी विद्यार्थी उपस्थित रहे।
CNI NEWS कवर्धा छत्तीसगढ़ से अनवर खान की रिपोर्ट


















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