ग्राम पंचायत मददेड में ग्राम सभा का आयोजन सम्पन्न
बीजापुर जिले के एन एच 63 पर स्थित ग्राम पंचायत मददेड 14/4/2026 को ग्राम सभा का आयोजन किया गया।। और संविधान निर्माता भीमराव अम्बेडकर जयन्ती भी बडे़ धूमधाम और हर्षोल्स के मनाई गयी।
आज ग्राम पंचायत मददेड में भारत के संविधान निर्माता, महान समाज सुधारक डॉ. भीमराव अंबेडकर जी की जयंती बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। इस अवसर पर ग्राम पंचायत की सरपंच श्रीमती शारदा सांड्रा एवं उपसरपंच श्री सी.एच. श्याम बाबू द्वारा अंबेडकर जी की प्रतिमा पर पुष्पमाला अर्पित कर कार्यक्रम की शुरुआत की गई।
कार्यक्रम के पश्चात ग्राम सभा का आयोजन किया गया, जिसमें सभी वार्ड पंच एवं ग्रामवासी उपस्थित रहे। ग्राम सभा की कार्यवाही प्रारंभ करने से पूर्व, उपस्थित ग्रामीणों में से सर्वसम्मति से श्री बीरा महेश को ग्राम सभा अध्यक्ष चुना गया। ग्राम सभा अध्यक्ष का स्वागत पुष्पमाला से दुर्गम सडवली द्वारा किया गया।
इसी क्रम में:
सरपंच महोदया का स्वागत पुष्पगुच्छ से अशोक मोरला (शिक्षा विभाग) द्वारा किया गया
उपसरपंच का स्वागत पुष्पगुच्छ से जागर मोहन द्वारा किया गया
महिला एवं बाल विकास विभाग (सखी सेंटर) से उपस्थित सुश्री सुनीता तामड़ी का स्वागत शांता मरकाम द्वारा पुष्पगुच्छ से किया गया
ग्राम सभा की कार्यवाही औपचारिक रूप से प्रारंभ की गई। इस दौरान महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रतिनिधि सुनीता तामड़ी मैडम द्वारा बाल विवाह की रोकथाम के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी दी गई और ग्रामीणों को जागरूक किया गया।
इसके अतिरिक्त, ग्राम सभा में उपस्थित प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों को अपने आवास समय सीमा के भीतर पूर्ण करने हेतु निर्देशित किया गया। जिन हितग्राहियों द्वारा आवास निर्माण में रुचि नहीं दिखाई गई, उनके आवास निरस्त करने का निर्णय ग्राम सभा द्वारा लिया गया।
ग्राम के विकास को ध्यान में रखते हुए, ग्रामवासियों द्वारा मूलभूत सुविधाओं के आधार पर नए निर्माण कार्यों की स्वीकृति हेतु प्रस्ताव भी प्रस्तुत किया गया।
ग्राम सभा का महत्व
ग्राम सभा लोकतंत्र की सबसे महत्वपूर्ण इकाई है, जो सीधे तौर पर ग्रामीण जनता को शासन प्रक्रिया में भागीदारी का अवसर प्रदान करती है। यह पंचायत राज व्यवस्था की आधारशिला है, जहां ग्राम के विकास, योजनाओं की समीक्षा, समस्याओं के समाधान तथा नए प्रस्तावों पर चर्चा की जाती है।
ग्राम सभा के माध्यम से:
सरकारी योजनाओं का सही क्रियान्वयन सुनिश्चित होता है
पारदर्शिता और जवाबदेही बनी रहती है
ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान स्थानीय स्तर पर किया जाता है
विकास कार्यों की प्राथमिकता तय की जाती है
इस प्रकार ग्राम सभा ग्रामीण स्वशासन को मजबूत बनाने का एक प्रभावी माध्यम है।
अनुपस्थित विभागों पर टिप्पणी
आज आयोजित ग्राम सभा में कुल 28 विभागों के कर्मचारियों को उपस्थित रहना था, किन्तु अत्यंत खेद का विषय है कि केवल महिला एवं बाल विकास विभाग, वन विभाग तथा स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी ही उपस्थित रहे। शेष 25 विभागों के कर्मचारी ग्राम सभा में अनुपस्थित रहे।
यह स्थिति चिंताजनक है, क्योंकि:
विभिन्न विभागों की उपस्थिति से योजनाओं की जानकारी सीधे ग्रामीणों तक पहुंचती है
समस्याओं का समाधान तत्काल संभव होता है
विभागीय समन्वय से विकास कार्यों में गति आती है
अनुपस्थित विभागों की गैरहाजिरी से ग्रामीणों को आवश्यक जानकारी एवं सुविधाओं से वंचित होना पड़ता है, जो ग्राम विकास में बाधा उत्पन्न करता है।
अतः आवश्यक है कि भविष्य में सभी संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी ग्राम सभा में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहें, ताकि शासन की योजनाओं का लाभ प्रत्येक ग्रामीण तक प्रभावी रूप से पहुंच सके और ग्राम का समग्र विकास सुनिश्चित हो सके।



















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