तिल्दा-नेवरा नगर पालिका: अधिकारी बदला, व्यवस्था नहीं — ओवर ब्रिज की सफाई पर उठे सवाल
तिल्दा-नेवरा। नगर पालिका में हाल ही में अधिकारी परिवर्तन के बावजूद शहर की मूलभूत व्यवस्थाओं में कोई खास सुधार देखने को नहीं मिल रहा है। विशेषकर ओवर ब्रिज पर बीते दो सप्ताह में एक एक चली सफाई व्यवस्था ने नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
स्थानीय लोगों के अनुसार, ओवर ब्रिज पर सफाई तो की जा रही है, लेकिन उसका तरीका बेहद लापरवाह और अव्यवस्थित है। सफाई कर्मियों द्वारा एक ओर से कचरा और धूल हटाकर उसे दूसरी ओर ही जमा कर दिया जाता है। इससे न तो गंदगी पूरी तरह समाप्त हो रही है और न ही आम जनता को किसी प्रकार की राहत मिल रही है। उल्टा, हवा चलने पर वही धूल और कचरा फिर से सड़क पर फैल जाता है, जिससे राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
नागरिकों का कहना है कि यह केवल दिखावटी सफाई है, जिसका कोई स्थायी समाधान नहीं निकल रहा। ओवर ब्रिज जैसे महत्वपूर्ण मार्ग पर इस प्रकार की लापरवाही दुर्घटनाओं को भी आमंत्रित कर सकती है। धूल के गुबार के कारण वाहन चालकों की दृश्यता प्रभावित हो रही है, जिससे खतरा बढ़ रहा है।
इसी बीच लोगों के मन मे यह सवाल भी तेजी से उठ रहा है—क्या स्वच्छता अभियान अब सिर्फ रील और फोटो तक ही सीमित रह गया है? ज़मीनी हकीकत कुछ और ही कहानी बयां कर रही है, जहां साफ-सफाई के नाम पर केवल औपचारिकताएं निभाई जा रही हैं।
नगर पालिका द्वारा सफाई व्यवस्था को लेकर कोई ठोस योजना या निगरानी नजर नहीं आ रही है। अधिकारी बदलने के बावजूद कार्यशैली में सुधार न होना यह दर्शाता है कि समस्या केवल व्यक्ति नहीं, बल्कि पूरी व्यवस्था में है।
सफाई व्यवस्था को व्यवस्थित और प्रभावी बनाया जाए, ताकि शहर की छवि सुधरे और आम लोगों को राहत मिल सके। अब देखना होगा कि नगर पालिका इस गंभीर समस्या पर कब तक संज्ञान लेती है और वास्तविक सुधार की दिशा में क्या कदम उठाती है। स्वच्छता अभियान का कार्य सराहनीय है लेकिन व्यवस्था को थोड़ा सा और मजबूत करना होगा
CNI NEWS तिल्दा नेवरा से आजय नेताम की रिपोर्टर >


















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