डॉ. तीजन बाई का सम्मान कर कर्म प्रथम चैरिटेबल फाउंडेशन ने निभाई सामाजिक जिम्मेदारी।
सी एन आइ न्यूज-पुरुषोत्तम जोशी।
रायपुर -दिनांक 1 अप्रैल 2026 का दिन कर्म प्रथम चैरिटेबल फाउंडेशन परिवार के लिए अत्यंत ऐतिहासिक एवं गौरवपूर्ण रहा। छत्तीसगढ़ राज्य की सांस्कृतिक धरोहर, लोककला की अमूल्य पहचान तथा पंडवानी गायन की महान विभूति डॉ. तीजन बाई जी का सम्मान करने का सौभाग्य संस्था को प्राप्त हुआ।
भारत सरकार द्वारा पद्मश्री, पद्म भूषण एवं पद्म विभूषण जैसे सर्वोच्च सम्मानों से अलंकृत डॉ. तीजन बाई जी केवल छत्तीसगढ़ ही नहीं, बल्कि पूरे देश का गौरव हैं। उन्होंने अपने पंडवानी गायन के माध्यम से छत्तीसगढ़ की संस्कृति को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाई है।
पिछले कुछ दिनों से डॉ. तीजन बाई जी अस्वस्थ चल रही हैं। इस दौरान कर्म प्रथम चैरिटेबल फाउंडेशन परिवार उनके निवास पहुंचा तथा उनका कुशलक्षेम जाना। संस्था के पदाधिकारियों ने उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ एवं दीर्घायु जीवन की कामना की।
इस अवसर पर संस्था की ओर से डॉ. तीजन बाई जी को आर्थिक सहायता राशि एवं मिठाई भेंट की गई। साथ ही उनके परिजनों से भी आत्मीय मुलाकात की गई। संस्था के सदस्यों ने कहा कि डॉ. तीजन बाई जैसी महान विभूतियों का सम्मान करना समाज का नैतिक दायित्व है और उनके प्रति आदर व्यक्त करना हम सभी के लिए गर्व का विषय है।
संस्था के पदाधिकारियों ने कहा कि यह क्षण उनके जीवन के उन अविस्मरणीय पलों में से एक रहेगा, जिसे वे कभी नहीं भूल पाएंगे।
इस अवसर पर संस्था के सीएमडी डॉ. बद्री प्रसाद गुप्ता, डायरेक्टर प्रियंका पांडेय एवं इंचार्ज अशोक मुदलियार जी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
अंत में सभी ने डॉ. तीजन बाई जी के उत्तम स्वास्थ्य एवं दीर्घायु जीवन की कामना करते हुए जय जोहार, जय छत्तीसगढ़ तथा छत्तीसगढ़ महतारी की जय के उद्घोष लगाए।


















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