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Saturday, April 4, 2026

राम को मर्यादा पुरुषोत्तम बनाने और धर्म की स्थापना : अशवंत तुषार साहू महासमुंद विधानसभा क्षेत्र के ग्राम पासिद मे तीन दिवसीय श्री राम कथा कार्यक्रम में शामिल हुआ ।

 राम को मर्यादा पुरुषोत्तम बनाने और धर्म की स्थापना : अशवंत तुषार साहू



महासमुंद विधानसभा क्षेत्र के ग्राम पासिद मे तीन दिवसीय श्री राम कथा कार्यक्रम में शामिल हुआ । 

जिसमे अतिथी रहे राष्ट्रीय तेलीकर्मा सेना के संस्थापक व भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश कार्यसमिति सदस्य अशवंत तुषार साहू । आयोजन सामिति के तत्वाधान में फूल माला, चंदन,गुलाल लगाकर भव्य स्वागत किया




तुषार साहू ने श्री राम के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धा सुमन अर्पित किए

तुषार साहू ने बताया कि रामायण में कैकेयी, राजा दशरथ की सबसे प्रिय रानी और भरत की माता थीं, जिन्होंने मंथरा के उकसाने पर दशरथ से दो वरदान मांगकर राम को 14 वर्ष का वनवास और भरत के लिए राजसिंहासन मांगा था। यह निर्णय रामायण की दिशा बदलने वाला मुख्य मोड़ बना।


कैकेयी कथा के मुख्य बिंदु:

दो वरदान: देवासुर संग्राम में दशरथ की जान बचाने के बदले उन्हें दो वरदान मिले थे।

मंथरा का षड्यंत्र: दासी मंथरा के बहकावे में आकर, कैकेयी ने राम के राज्याभिषेक के बजाय उन्हें वन भेजने का कठोर निर्णय लिया।

कोप भवन: कैकेयी कोप भवन में चली गईं और दशरथ को वचनों से बांधकर राम का वनवास और भरत को राजा बनाने की मांग की।

परिणाम: दशरथ को वचन का पालन करना पड़ा, जिससे राम, सीता और लक्ष्मण वन गए, और भरत ने राज्य लेने से इनकार कर दिया। 


यह घटना राम को मर्यादा पुरुषोत्तम बनाने और धर्म की स्थापना के लिए आवश्यक मानी जाती है।

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