महासमुन्द (मनोज गिरी गोस्वामी) - छग शासन द्वारा उपार्जित धान की कस्टम मिलिंग के लिए पंजीयन नहीं होने के बाद भी महासमुन्द के नदीचौक घोडारी के एनएल राईस इंडस्ट्रीज के द्वारा धान का भंडारण का मामला सामने आया है। शिकायत होने पर सिटी कोतवाली पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल कुमार ठाकुर ने राईस मिलर के खिलाफ मामला दर्ज कर विवेचना में लिया है।
महासमुन्द पुलिस के अनुसार 24 जनवरी को मेसर्स एन.एन. प्राईस इण्ड्रस्टीज घोड़ारी तहसील महासमुंद की फर्म के मिल परिसर में धान के 756 कट्टों पर मार्कफेड का मार्का वर्ष 2019-20 तथा धान उपार्जन केन्द्र मामा-भांचा का वर्ष 2019-20 का मार्का का लगा हुआ पाया गया। जिसके बारदानों की सिलाई लाल रंग की सुतली से की गई है। जांच तिथि तक फर्म का खरीफ विपणन वर्ष 2019-20 में शासन द्वारा उपार्जित धान की कस्टम मिलिंग करने हेतु पंजीयन नहीं हुआ था। अत: फर्म द्वारा कस्टम मिलिंग हेतु पंजीयन एवं मार्क फेड से अनुबंध कराये बिना शासन द्वारा समर्थन मूल्य पर उपार्जित धान अवैध रूप से मिल परिसर में संग्रहित किया गया है जो खरीफ विपणन वर्ष 2019-20 में समर्थन मूल्य पर उपार्जित धान की कस्टम मिलिंग नीति का स्पष्ट उल्लघंन है।
24 जनवरी को खाद्य विभाग की टीम के साथ एन एन राईस इण्डस्ट्रीज घोड़ारी का निरीक्षण फर्म में प्रोपाइटर के मिल पंजीयन के आवेदन के आधार पर किया गया। निरीक्षण के दौरान फर्म के प्रोपाइटर अक्षत गोयल निवासी निवासी पिटियाझर रोड महासमुन्द उपस्थित रहे। जांच में पता चला कि मेसर्स एन. एल. राईस इण्डस्ट्रीज घोड़ारी महासमुंद पिछले सत्र 2018-19 के लिए विभाग में कस्टम मिलिंग हेतु पंजीकृत रही।
इसके नवीनीकरण हेतु प्राप्त आवेदन के आधार पर मिल परिसर की जांच की गई। जांच समय पर फर्म एन. एल. राईस इण्डस्ट्रीज घोड़ारी के मिल परिसर एवं परिसर में बने नए गोदाम में पंजी में दर्ज मात्रा अनुसार 4026.72 क्विंटल धान तथा 366.83 क्विंटल चांवल पाया गया। निरीक्षण के दौरान मिल परिसर में स्थित नए गोदाम में 756 बोरे धान एक छोटे स्टेक में रखे पाए गए। जिसमें लाल रंग से मामा भांचा पं. क्र. 1045 सरना 2019-20 का स्टेंसिल लगा हुआ नया जूट बारदाना है, जिसमें मार्कफेड का 2019-20 अंकित पाया गया है। उक्त 756 बोरे धान वजन 302.40 क्विंटल भर्ती 40 किलो को 2019-20 के नए बारदानो में होने के कारण एवम मार्कफेड के मार्का के साथ साथ मामा भांचा समिति के मार्का लगा होने के कारण जब्त कर प्रोप्राइटर अक्षत गोयल की सुपुर्दगी में दिया गया।
उक्त बारदानों में लाल रंग की रस्सी से सिलाई होना भी पाया गया। जो कि फर्म के प्रोप्राइटर अक्षत गोयल का यह कृत्य छ.ग. शासन खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग खरीफ विपणन वर्ष 2019-20 में धान उपार्जन एवं मक्का उपार्जन नीति का स्पष्ट उल्लंघन है, पुलिस ने माना है साथ ही कहा है कि अवैध धान का भंडारण शासन की उक्त नीतियों के अनुसार दण्डनीय है। जांच प्रतिवेदन के बाद पुलिस ने राईस मिलर्स के खिलाफ धारा 420 के तहत प्रकरण तैयार कर जांच में जुटी है ।
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