दुर्गेश यादव की रिपोर्ट
पामगढ़ मुलमुला में कुतिघाट मंदिर राम जानकी मंदिर हनुमान धारा जो 5 6 समाज मिलकर मंदिर निर्माण
हुआ खेत दान किया गया था गरीब ब्राह्मण को बाहर से लाकर कुछ साल पूर्व पुराने बुजुर्गों द्वारा एक ब्राह्मण पुजारी को पूजा पाठ करते अपने जीवन यापन के लिए उस मंदिर में पुजारी के रूप में रखा गया था उसकी मृत्यु हो जाने के पश्चात उसका जेष्ठ पुत्र अपने आप को मंदिर का पुजारी समझकर पूजा पाठ करने लगा जैसे जैसे समय निकलते गया उनका जेष्ठ पुत्र माधव नारायण शुक्ला द्वारा बाहर से अपने सभी परिवार को भाई-बहन बहू सबको पत्नी शरण में कुटी घाट मंदिर में स्थान दिया जैसे जैसे समय निकलते गया माधव नारायण शुक्ला अरस्मेटा का मूल निवासी बन गया मूलनिवासी बनने पर पंच के लिए भी पति पत्नी द्वारा चुनाव जीता अपने भाई और बहू को अपनी व्यवस्था करके शिक्षाकर्मी में दोनों को लगा दिया सर्व संपन्न हो गया तत्पश्चात जो मंदिर बना हुआ है वह मंदिर परिसर 2 एकड़ 15 डिसमिल गणेश चेनू नायक पत्नी श्रीमती सावित्री नायक अर्जुनी द्वारा दान में दिया गया जो जमीन 2 एकड़ 15 डिसमिल स्थापित है उस जमीन पर मरार पटेल समाज द्वारा मंदिर स्थापित की गई जयसवाल समाज द्वारा मंदिर स्थापित किया गया निर्मलकर समाज द्वारा मंदिर स्थापित की गई साहू समाज द्वारा विश्वकर्मा समाज द्वारा एवं और अन्य समाज द्वारा कुछ दान की जमीन पर मंदिर निर्माण किया गया और जैसे-जैसे मंदिर निर्माण हुआ वैसे ही सभी समाज के लोगों ने मंदिर में कुछ खेत दान किया गया जिस प्रकार से पटेल समाज का 5 एकड़ का खेत जयसवाल समाज का 70 डिसमिल निर्मलकर समाज का 50 डिसमिल ऐसे थोड़ा थोड़ा सभी समाज में खेत मंदिर को दान में दिया कि उस खेत के माध्यम से पुजारी मंदिर का रखरखाव और स्वयं का परिवार को चलाना करके समाज द्वारा दिया गया था जिस पर मंदिर परिसर में बिना समाज के पूछे अपने आप माधव नारायण शुक्ला द्वारा आठ कमरे का घर बनाया जा रहा है और अगल-बगल में सेप्टिक बाथरूम का भी निर्माण किया हुआ है मंदिर के बगल में ही विश्राम कक्षा अपने लिए बनाया गया है गंदगी फैली रहती है आमने सामने डिस्पोजल पानी पाउच दारू पी सी सी बोतल भी पड़ा रहता है इस परिवेश में माधव नारायण शुक्ला से कहा गया कि आप समाज की सलाह क्यों नहीं लिए तब माधव नारायण शुक्ला ने कहा मुझे समाज की आवश्यकता नहीं है जबकि उस जमीन सरवर कार सावित्रीबाई है और सभी जमीन का मालिक अपना अपना समाज है सिर्फ माधव नारायण शुक्ला को पुजारी के रूप में रखा गया था आज वह पुजारी द्वारा कब्जा किया जा रहा है जिस पर सभी समाज द्वारा आज महत्वपूर्ण बैठक किया गया और न्यायालय में केस लंबित भी है
अगर न्यायालय से एक-दो पेशी में न्याय नहीं मिला समाज को तो समाज उग्र आंदोलन चक्का जाम पुजारी को मंदिर से हटाने के लिए की जाएगी साथ ही साथ कुछ समाज के लोगों ने मंदिर परिसर जाकर के सलाह मशवरा करने की बात कही तो माधव नारायण परिवार द्वारा महिलाओं द्वारा गंदी गंदी बातें और श्रापित के रूप में समाज को कहा गया इस कारण से आज सभी समाज एकता का परिचय दिए और पुजारी निकालो अभियान में सम्मिलित हुए समाज के प्रमुख जन ईश्वरी कर्स दिनेश साहनी साहू निर्मलकर संतोष निर्मलकर गोरेलाल निर्मलकर ध्रुव बरेट घासी राम निर्मलकर बाबूलाल साहू नारायण साहू अभिषेक साहू संतोष पटेल रामाधार पटेल रमेश पटेल रामफ़ल पटेल कृष्ण कुमार पटेल छबीलाल पटेल पृथ्वीपाल जैसवाल मनोज जैसवाल सहेद जैसवाल कौशल जयसवाल कवी जैसवाल


















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