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Monday, January 4, 2021

मनुष्य जीवन इंसान को बार-बार नही मिलता इसलिए इस कलयुग मे दया धर्म भगवान के स्मरण से सारी योनियो को पार करता है -- पंडित कुलेश्वर तिवारी



गुण्डरदेही । ग्राम भरर में आयोजित श्रीमद् भागवत महापुराण ज्ञान यज्ञ सप्ताह के तीसरे दिन कथा का रसपान कराते पंडित कुलेश्वर प्रसाद तिवारी (परसाही वाले) ने कपिल अवतार ध्रुव चरित्र सृष्टि की रचना पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मनुष्य जीवन इंसान को बार-बार नहीं मिलता । इसलिए इस कलयुग में दया धर्म भगवान के स्मरण से ही सारी योनियों को पार करता है। मनुष्य जीवन का महत्व समझाते हुए पंडित कुलेश्वर प्रसाद तिवारी ने कहा भगवान की भक्ति में अधिक से अधिक समय देना चाहिए। उन्होंने बताया कि भगवान विष्णु ने पांचवा अवतार कपिल मुनि के रुप में लिया था । कहा कि किसी भी काम को करने के लिए मन में विश्वास होना चाहिए तो कभी भी जीवन में असफल नहीं होंगे। जीवन को सफल बनाने के लिए कथा श्रवण करने से कई जन्मों का पाप कट जाते है। ध्रुव चरित्र की कथा के बारे में भक्तों को विस्तार से वर्णन कर बताया। शिव-पार्वती विवाह का प्रसंग बताते हुए कहा कि यह पवित्र संस्कार है । लेकिन आधुनिक समय में प्राणी संस्कारों से दूर भाग रहा है। जीव के बिना शरीर निरर्थक होता है । ऐसे ही संस्कारों के बिना जीवन का कोई मूल्य नहीं होता। भक्ति में दिखावा नहीं होना चाहिए। जब सती के विरह में भगवान शंकर की दशा दयनीय हो गई । सती ने भी संकल्प के अनुसार राजा हिमालय के घर पर्वतराज की पुत्री होने पर पार्वती के रुप में जन्म लिया। पार्वती जब बड़ी हुईं तो हिमालय को उनकी शादी की चिंता सताने लगी। एक दिन देवर्षि नारद हिमालय के महल पहुंचे और पार्वती को देखकर उन्हें भगवान शिव के योग्य बताया। इसके बाद सारी प्रक्रिया शुरु तो हो गई लेकिन शिव अब भी सती के विरह में ही रहे। ऐसे में शिव को पार्वती के प्रति अनुरक्त करने कामदेव को उनके पास भेजा गया लेकिन वे भी शिव को विचलित नहीं कर सके और उनकी क्रोध की अग्नि में कामदेव भस्म हो गए। इसके बाद वे कैलाश पर्वत चले गए। तीन हजार सालों तक उन्होंने भगवान शिव को पाने के लिए तपस्या की इसके बाद भगवान शिव का विवाह पार्वती के साथ हुआ। कथा स्थल पर भगवान शिव और माता पार्वती के पात्रों का विवाह कराया गया। विवाह में सभी भक्त बाराती बने और खुशिया मनाई। कथा में भूतों की टोली के साथ नाचते-गाते हुए शिवजी की बारात आई। बारात को भक्तों ने पुष्पवर्षा से  स्वागत किया। शिव-पार्वती की सचित्र झांकी सजाई गई थी । जहां विधि-विधान पूर्वक विवाह संम्पन्न हुआ। कथा श्रवण करने गांव के सरपंच  पंचगण एवं बड़ी संख्या मे ग्रामवासी उपस्थित थे । 


सी एन आई न्यूज के लिए गुण्डरदेही से भानु साहू की रिपोर्ट 

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