अरविन्द तिवारी की रिपोर्ट
बिलासपुर -- आज राष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर निराला नगर बिलासपुर में एक रूपया मुहिम की संचालिका सीमा वर्मा द्वारा छोटी छोटी बालिकाओं को स्टेशनरी का सामान वितरित करने के साथ साथ गुड टच , बेड टच के अलावा बालिकाओं को शिक्षा के प्रति प्रेरित किया गया। बीएससी और एमएसडब्ल्यू की पढ़ाई के बाद एवं विधि स्नातक की अध्ययनरत छात्रा बिलासपुर निवासी सुश्री सीमा वर्मा (28 वर्षीया) का मानना है शिक्षा के माध्यम से समाज में फैली हुई बुराई को कम किया जा सकता है। इन्होंने एक रुपया मुहिम शुरु करके लोगों में साबित कर दिया कि पैसे की क्या अहमियत होती है ? सुश्री सीमा वर्मा ने चर्चा के दौरान अरविन्द तिवारी को बताया कि उन्होंने एक रूपये वाला मुहिम 10 अगस्त 2016 को शुरु की थी, जिसके बाद वह एक एक रुपया जोड़कर अब तक 33 बच्चों की फीस जमा कर चुकी हैं। उन्होंने यह भी कहा कि आगे जब तक ये बच्चें बारहवीं तक की शिक्षा पूरी नहीं कर लेते तब तक सीमा उनकी साल भर की फीस जमा करती रहेंगी। उनके द्वारा इस मुहिम से अब तक तेरह हजार से ज्यादा बच्चों को स्टेशनरी का सामान भी मुहैया कराया जा चुका है। बिलासपुर की तालापारा बस्ती में पिछले एक साल से इनके द्वारा 45 बच्चो को नि:शुल्क ट्यूशन क्लास दिया जा रहा है। एक रूपये मुहिम के नाम से जानी जाने वाली समाजसेवी सीमा के इस जज्बे को देखते हुये उन्हें अनेकों संगठनों द्वारा बेस्ट वूमन आफ द छत्तीसगढ़ के अलावा छत्तीसगढ़ माटी सपूत सम्मान बिलासपुर , उत्तरप्रदेश के मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य जी के द्वारा सम्मान कुशीनगर , अखिल भारतीय पत्रकार सुरक्षा संगठन छत्तीसगढ़ इकाई के द्वारा सम्मान , अखिल भारतीय पत्रकार सुरक्षा संगठन उत्तरप्रदेश सम्मान , केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले जी के द्वारा प्रख्यात समाजसेवी नवल किशोर सिंह की पुण्यतिथि समारोह में कुशीनगर नवल स्मृति सम्मान , हिंदी टाइम न्यूज , लाइव टूडे , टीवी 24 , इंडियन न्यूज की तरफ से कारोना योद्धा सम्मान , यूपी से प्रकाशित हिंदी राष्ट्रीय साप्ताहिक समाचार पत्र नवल धारा के द्वारा समाज सेवा के लिये सम्मान , चाइल्ड लाइन बिलासपुर के द्वारा बाल दिवस पर सम्मान , चाइल्ड लाइन के द्वारा महिला दिवस सम्मान , महिला दिवस सम्मान , महिला दिवस सद्भावना संस्थान के द्वारा सम्मान , मानवाधिकार टीम बिलासपुर के द्वारा सम्मान , रोटरीक्लब सम्मान सहित कई मंचों पर अब तक चालीस से ज्यादा अलग अलग सम्मान से सम्मानित भी किया जा चुका है। इनके पिता कोलफिल्ड में कार्यरत हैं , जबकि इनकी माता गृहिणी है और इनके भाई भारतीय सेना में है। अपने इस एक रूपये मुहिम की शुरूआत के बारे में सीमा ने बताया कि जब वह ग्रेजुएशन में थी तो कमिश्नर से मिलकर अपने दिव्यांग सहेली को ट्राय साइकिल दिलाने में सफल हुई। लोगो की मदद करके उनको सही रास्ता दिखाया जा सकता है। इसी सोच के साथ सीमा ने एक रूपये वाली मुहिम की शुरुआत की ताकि लोगों को जागरूक कर सके। सीमा यह कार्य युवाओं को मोटिवेट करने के लिये करती है। इसके अलावा भी इनके द्वारा बच्चो को गुड टच , बैड टच , पॉक्सो एक्ट , मौलिक अधिकारों , बाल विवाह , राइट टु एजूकेशन , बाल मजदूरी आदि की जानकारी के माध्यम से लगातार जागरूकता कार्यक्रम किया जा रहा है।


















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