Breaking

अपनी भाषा चुने

POPUP ADD

सी एन आई न्यूज़

सी एन आई न्यूज़ रिपोर्टर/ जिला ब्यूरो/ संवाददाता नियुक्ति कर रहा है - छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेशओडिशा, झारखण्ड, बिहार, महाराष्ट्राबंगाल, पंजाब, गुजरात, आंध्रप्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटका, हिमाचल प्रदेश, वेस्ट बंगाल, एन सी आर दिल्ली, कोलकत्ता, राजस्थान, केरला, तमिलनाडु - इन राज्यों में - क्या आप सी एन आई न्यूज़ के साथ जुड़के कार्य करना चाहते होसी एन आई न्यूज़ (सेंट्रल न्यूज़ इंडिया) से जुड़ने के लिए हमसे संपर्क करे : हितेश मानिकपुरी - मो. नं. : 9516754504 ◘ मोहम्मद अज़हर हनफ़ी - मो. नं. : 7869203309 ◘ सोना दीवान - मो. नं. : 9827138395 ◘ आशुतोष विश्वकर्मा - मो. नं. : 8839215630 ◘ सोना दीवान - मो. नं. : 9827138395 ◘ शिकायत के लिए क्लिक करें - Click here ◘ फेसबुक  : cninews ◘ रजिस्ट्रेशन नं. : • Reg. No.: EN-ANMA/CG391732EC • Reg. No.: CG14D0018162 

Tuesday, April 13, 2021

आनलाइन कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया:


*आनलाइन कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया:


-*


कला कौशल साहित्य संगम द्वारा मंच के स्थापना दिवस के अवसर पर संस्थापक कौशल महंत,अध्यक्ष एनपी विश्वकर्मा,संरक्षक डॉ श्याम मनोहर सीरोठिया,मुख्य अतिथि रविंद्रनाथ सरकार,प्रेमचंद साव, डिजेंद्र कुर्रे,कुमार कारनिक के नेतृत्व में ऑनलाइन कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस कवि सम्मेलन में देशभर के विभिन्न राज्यों से विभिन्न कवियों कवियित्रियों ने साहित्य के विभिन्न विधाओं गीत,गजल,दोहा आदि में अपनी-अपनी स्वरचित रचना प्रस्तुत किए। इस अवसर पर मुख्य अतिथि रविंद्र नाथ सरकार ने कहा कि आज यह मंच छत्तीसगढ़ ही नहीं बल्कि पूरे देश में एक अलग पहचान बना लिया है।मंच के सप्ताह भर के विभिन्न गतिविधियाँ जैसे गद्य लेखन के अंतर्गत आलेख,लघुकथा निबंध आदि,दोहा,चौपाई,गीत कार्यशाला,आंचलिक गीत कार्यशाला,काव्य रचना एवं रविवारीय प्रतियोगिता के बारे में विस्तारपूर्वक बताया।विशिष्ट अतिथि डॉ श्याम मनोहर सिरोठिया ने कहा कि साहित्य के माध्यम से हमारी संवेदना,सोच का दायरा व्यापक हो जाता है।समाज,राजनीति,अतीत और आस-पास के परिवेश को और अधिक बेहतर समझने योग्य हो पाते है।साहित्य से प्रत्यक्ष एवं परोक्ष रूप से हमारे अनुभवों में वृद्धि होती हैं।मंच के संस्थापक कौशल महंत ने इस अवसर पर समाज में साहित्य के योगदान के बारे में प्रकाश डाला गया। मंच के अध्यक्ष एन.पी. विश्वकर्मा ने समाज के अंदर जो विकार है उनको साहित्य के द्वारा ही दूर किया जा सकता है।जातिवाद भेदभाव जैसी कुरीतियों को दूर करने में साहित्य का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। काव्य पाठ करने वाले प्रमुख साहित्यकारों रचनाकारों में एन.पी.विश्वकर्मा,कुमार कारनिक,प्रेमचंद साव,जगबंधु राम यादव,डिजेन्द्र कुर्रे,पी एस खरे आकाश,सावित्री यादव,वंदना साक्षी तिवारी,नरेन्द्र वैष्णव,साधना कृष्ण,रामसाय श्रीवास,प्रतिभा त्रिपाठी,रघुनाथ जायसवाल,पुष्पा शर्मा "कुसुम",प्रकाश चन्द्र बरनवाल,विनय पाठक,टी०के०सिंह परिहार,रजनीश सिंह सोनी,राघव प्रसाद विश्वकर्मा, कुंज लाल,इन्द्राणी साहू"साँची",तुलेश्वर सेन रवींद्र नाथ सरकार,तेजपाल सोनी,गायत्री आलोक स्वर्णकार,तिलोत्तमा पाण्डेय,मोहन श्रीवास्तव,शोभा मोहन श्रीवास्तव,दिनेश पटेल, साधना मिश्र,संतोषी श्रद्धा महंत उमेश श्रीवास आदि देश के विभिन्न राज्यों के साहित्यकारों ने विभिन्न विधाओं में काव्य पाठ किए।कार्यक्रम के अंत में विनय पाठक ने कहा कि सीखने-सिखाने का यह मंच ऐसे ही प्रगति के सोपान पर अग्रसर होता रहे।इस अवसर पर मोहन श्रीवास्तव,प्रकाशचंद्र बरनवाल, रामसाय श्रीवास,भगतराम साहू, नरेन्द्र वैष्णव ने भी उद्बोधन दिये।मंच संचालन डिजेन्द्र कुर्रे कोहिनूर द्वारा किया गया।कार्यक्रम के अंत में आभार प्रदर्शन मंच के संस्थापक कौशल महंत द्वारा किया गया।

No comments:

Post a Comment

Please do not enter any spam link in the comment box.

Hz Add

Post Top Ad