बागपत के पार्श्वनाथ जैन मंदिर प्रांगण में हुआ ज्ञानालय का शुभारंभ
- जैन-धर्म के आचार्य श्री 108 वसुनंदी जी मुनिराज सहित अनेकों मुनिराज रहे उपस्थित
- समाजसेवी नगेन्द्र जैन गोयल ने लोगों से की जैन धर्म के सिद्धांतों को अपनाने की अपील
रिवर पार्क बागपत के जैन नगर स्थित श्री 1008 चिंतामणि पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन मंदिर के प्रांगण में आयोजित एक कार्यक्रम में ज्ञानालय का शुभारम्भ हो गया। इस अवसर पर आचार्य श्री 108 वसुनंदी जी मुनिराज ससंघ उपस्थित रहे। सरूरपुर कलां के प्रसिद्ध विधानाचार्य नमन जैन ने जैन धर्मानुसार विधान पूर्ण कराये। कार्यक्रम के संयोजक नोएडा निवासी नगेन्द्र जैन गोयल ने कहा कि ज्ञान सागर जी महाराज जी की पुण्य स्मृति में निर्मित इस ज्ञानालय में रखे धर्म ग्रंथो से क्षेत्र के लोग लाभान्वित होगें, उनको धर्म के बारे में जानने का अवसर मिलेगा। कहा कि विश्व को आज जैन धर्म के सिद्धान्तों को अपनाने की जरूरत है। लोगो को हिंसा का मार्ग त्याग कर अहिंसा का मार्ग अपनाना चाहिये, इसी से विश्व भर में शांति लाई जा सकती है।
मंगल प्रवचन में आचार्य श्री 108 वसुनंदी जी मुनिराज ने जैन धर्म की महत्ता पर प्रकाश डाला और समाज के लोगों से जैन धर्म के बारे में जानने और उसका प्रचार करने को कहा। कार्यक्रम का निर्देशन बड़ौत के डाॅ श्रेयांश जैन ने किया। प्रतिष्ठाचार्य दिल्ली निवासी पंड़ित मनोज जैन शास्त्री रहे। दिल्ली के ऋषभ जैन सरस एण्ड पार्टी द्वारा पेश किये गये एक से बढ़कर एक धार्मिक भजनों ने हर किसी का मन मोह लिया। कार्यक्रम को सफल बनाने में स्यादवाद जैन एजुकेशनल एवं सोशल ट्रस्ट ने अहम योगदान दिया। इस अवसर पर शिखर चंद जैन, राकेश कुमार जैन, राजेश जैन खेकड़ा, ईश्वर सिंह जैन, प्रवीण मलिक, अमित जैन टटीरी, आलोक जैन, बंटी जैन, सोमना जैन, प्रदीप जैन, राहुल जैन, सोनिया त्रिखा, जेके जैन सिसाना, जौली जैन, विपुल जैन आदि उपस्थित थे।



















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