देव यादव सी एन आई न्यूज़ बेमेतरा छत्तीसगढ़
बेमेतरा नवागढ़ - नवागढ़ के युवा किसान किशोर राजपूत ने कहा कि केंद्र की सरकार तत्काल खाद के बढे कीमतों को तत्काल वापस ले।इससे किसानों की कमर टूट जायेगी।ऊपर से लॉक डाउन में किसानों की फसल सब्जियां चौपट हो चुकी है ।इस स्थिति में खाद का मूल्य बढाया जाना ठीक नही है।
श्री राजपूत ने कहा कि रासायनिक उर्वरकों में, विशेषकर डीएपी के दाम में प्रति बोरी लगभग 700 रुपये की वृद्धि किए जाने पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि भारत खाद डीएपी के मूल्य में लगभग 58% की एका एक वृद्धि से किसान हैरान है । अब यह खाद किसानों को 1900 रुपए प्रति बोरी में क्रय करनी होगी। उन्होंने कहा कि वर्ष 2020 खरीफ सीजन में डीएपी खाद किसानों को 1150 रुपए प्रति बोरी की दर से तथा रबी सीजन 2020 - 21 में 1200 रुपये प्रति बोरी की दर से प्रदाय की गई थी । इसी रासायनिक खाद एनपीके के दाम बोरी 565 रूपए की वृद्धि की गई है। अब यह खाद किसानों को 1185 रुपए प्रति बोरी के स्थान पर 1747 रुपये प्रति बोरी देकर खरीदना होगा। सिंगल सुपर फास्फेट के सभी प्रकार के खादों के दाम में प्रति बोरी चार सौ रुपये की बढोतरी हुई है। रासायनिक खाद उर्वरकों में, विशेषकर डीएपी के दाम में प्रति बोरी लगभग 700 रुपये की वृद्धि किए जाने पर चिंता जताई हैं
केन्द्रीय उर्वरक मंत्री ने 11 अप्रैल को डीएपी की कीमत यथावत रखने बात कही थी उसके बाद फिर बढ़े हुए नए आदेश 28 अप्रैल को जारी कर दिया गया है जिसके कारण रासायनिक खादों के कीमतों में बेतहाशा वृद्धि हो गया जो किसानों के साथ साथ आम आदमी के लिए दोहरी मार हैं।
किशोर राजपूत ने भारत सरकार के केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्री से किसानों के हितों की रक्षा के लिए रासायनिक उर्वरक कंपनियों की इस मनमानी और बेतहाशा मूल्य वृद्धि पर विचार कर रोक लगाए जाने का आग्रह किया है । साथ ही तत्काल खाद की बढे मूल्य को वापस लेने की माँग की है।
सी एन आई न्यूज़ बेमेतरा छत्तीसगढ़ देव यादव की खबर मो 9098647395


















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