सुरेंद्र मिश्रा रिपोर्टर
बेलगहना....छत्तीसगढ़ में भिन्न-भिन्न पर्वों का अपना ही महत्व है। इन्हीं में एक महत्वपूर्ण पर्व अक्ति को भी माना जाता है।आशा और विश्वास बढ़ाने वाले पर्वों में अक्ती विशेष है। गांव के लिए सभी विशेष पूजा पाठ करने वाले का नाम ही बैगा है। अक्ती के दिन बैगा गांव पर सदैव कृपा बनाए रखने के लिए देवी से प्रार्थना करता है। भाजयुमों अध्यक्ष चंद्रदीप साहू व मंडल महामंत्री रामप्रताप सिंह ने अपने मंडल बेलगहना व समस्त प्रदेश वासियों को अक्ति पर्व की शुभकामनाएं प्रेषित की है। मंडल अध्यक्ष चंद्रदीप साहू ने कहा अक्षय तृतीया अर्थात अक्ती के दिन बच्चे अपने मिट्टी से बने गुड्डे- गुड़ियों अर्थात पुतरा-पुतरी का ब्याह रचाते हैं। कल जिन बच्चों को ब्याह कर जीवन में प्रवेश करना है, वे परंपरा को इसी तरह आत्मसात करते हैं। बच्चे, बुजुर्ग बनकर पूरी तन्मयता के साथ अपनी मिट्टी से बने बच्चों का ब्याह रचाते हैं। इसी तरह वे बड़े हो जाते है और अपनी शादी के दिन बचपन की यादों को संजोए हुए अक्ती के दिन मंडप में बैठते है। अक्ती के दिन महामुहूर्त होता है। बिना पोथी-पतरा देखे इस दिन शादियां होती हैं।
वहीं भाजपा युवा मोर्चा मंडल बेलगहना के महामंत्री राम प्रताप सिंह ने कहा अक्ति कृषक वर्ग के लिए बहुत महत्वपूर्ण पर्व है कृषक खरीफ की तैयारी या ये कहें कि कृषि कार्य इस दिन से आरम्भ माना जाता है विशेष पूजा पाठ के बाद कृषक पूजा स्थान पर इस दौरान सांकेतिक खेत बनाकर बीजों का छिड़काव करता है और अपने कृषि कार्य मे सफलता की कामना करता है।छत्तीसगढ़ में रामकथा, महाभारत, भर्तृहरि गाथा, ढोला मारू, लोरिकायन छत्तीसगढ़ी रंग में रंग कर विशिष्ट अंदाज में पीढ़ी दर पीढ़ी कथा-वाचन की समृद्ध परंपरा के दम पर जन-मन और कण-कण में परिव्याप्त है। छत्तीसगढ़ दुनिया भर की श्रेष्ठ परंपराओं को अपने ही ढंग से ग्रहण करता है। भाषा, व्यवहार, आचरण और परंपरा का छत्तीसगढ़ी अंदाज इसीलिए ज्ञानी-ध्यानियों को चकित करता है। अक्ती त्योहार के दिन कमिया अपने मालिक का खास मेहमान होता है। उसे पूरे मान-सम्मान के साथ विशिष्ट भोजन परोसा जाता है। मुझे कवि मुकुंद की कुछ पंक्तियां याद आती हैं...
मया दया के ये दोना, माटी उपजावै सोना /आस हमर विश्वास हमर, भुइयां संग अगास हमर/' नदिया-नरवा,कुआं- बावली, बखरी अऊ खलिहान/इहें बसे हे हमर परान।
भाजयुमों मंडल बेलगहना व समस्त युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं की ओर से बेलगहना क्षेत्रवासियों व प्रदेशवासियों को अक्षय तृतीया(अक्ति) ,भगवान परशुराम जयंती, व ईद की बहुत बहुत शुभकामनाएं।


















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