छत्तीसगढ़
साल्हेवारा/राजनांदगाँव:--... मध्यप्रदेश सरहद से सटे छत्तीसगढ़ प्रदेश और जिले की सरहद पर बसे अतिसंवेदनशील माओवादी प्रभावित अंतिम गांव तक पहुंचा अभिलेख वेलफेयर फाउंडेशन का सूखा राशन और कपड़े पहुंचे।
मां पाताल भैरवी मन्दिर के अध्यक्ष राजेश मारू और पत्रकार कमलेश सिमनकर लगातार जिलों की सरहदों पर बसे गावों में सुखा राशन और कपड़े पहुंचा रहे है।
मन्दिर समिति और अभिलेख वेलफेयर फाउंडेशन लॉक डाउन की स्थिति में अपनी मंशा पूरी तरह साफ कर चुके है, की जिले के अंतिम गांव तक सूखा राशन लोगों को देँगे ताकि इस कोरोना संकटकाल में लोगों के सामने भूख का संकट खड़ा ना हो पाए।
आज मध्यप्रदेश की सीमा से सटे छत्तीसगढ़ और जिले की सरहद पर बसे अतिसंवेदनशील क्षेत्र माओवादी प्रभावित काशीबाहरा, लमरा, छोटा लमरा और भावे में सुखा राशन और कपड़े लोगों में बांटे।
बर्फानी मन्दिर समिति की तरफ से संतोष खण्डेलवाल और विवेक सोनी का योगदान रहा।
वहीं कोरोना काल मे लॉक डाउन के समय जिले के अंतिम व्यक्ति की नब्ज टटोलने गए पत्रिका के जिला ब्यूरो प्रमुख अतुल श्रीवास्तव का महत्पूर्ण योगदान रहा।
सूखा राशन और कपड़े बाटने के अलावा राजेश मारू, अतुल श्रीवास्तव, कमलेश सिमनकर और विवेक सोनी द्वारा कोरोना के लक्षण लगने पर समीप के स्वास्थ्य केंद्र में जाकर जांच करवाने और वैक्सीन लगवाने के लिए लोगों को जागरूक किया।
सी एन आई न्यूज के लिये दिलीप शुक्ला की रिपोर्ट ।























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