छत्तीसगढ़ में लगातार कोरोना का सिलसिला जारी है जिसको देखते हुए छत्तीसगढ़ में सभी जिलों में लॉकडाउन लगा दिया गया है जिसकी आड़ में छत्तीसगढ़ के ग्रामीण क्षेत्रों में काफी मात्रा में अवैध कच्ची महुआ शराब बनाने का व्यापार जारी है जिसके चलते ग्रामीण अंचलों में भारी मात्रा में कच्ची महुआ शराब बिकता हुआ नजर आ रहा है इसी बीच में जांजगीर-चांपा जिले के आबकारी विभाग के टीम द्वारा अपनी जान को जोखिम में डालकर ग्रामीण क्षेत्रों में कच्ची महुआ शराब बनाने वाले के ऊपर ताबड़तोड़ कार्यवाही करते हुए नजर आ रहे हैं

जी हां ताजा मामला जांजगीर-चांपा जिले के बाराद्वार थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम- तांदुलडीह (रायपुरा-भाटापारा) का है जहां आबकारी विभाग की टीम द्वारा 3100 kg महुआ लाहन का उपयुक्त तरीके से नष्ठीकरण करते हुए धारा 34 का एक प्रकरण दर्ज किया गया, जहां उक्त महुआ का अनुमानित मूल्य 1,24,000 रू है जिससे 1240 लीटर कच्ची महुआ शराब बनाई जा सकती थी जिसकी मार्केट में कीमत ₹1,46,000 की होती है जिस पर आबकारी विभाग की टीम ने ताबड़तोड़ कार्रवाई की गई और मौके पर कच्ची महुआ पास व लाहन युक्त कच्ची महुआ शराब का नष्ठीकरण किया। जहां उक्त कार्यवाही में *वृत्त बाराद्वार थाना प्रभारी डीके प्रजापति* और आबकारी भृत्य परसराम कहरा, बसंती बाई का महत्वपूर्ण योगदान।
रिपोर्ट दुर्गेश यादव जांजगीर चांपा
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