पिथौरा 10 जुन 2021 - सुहागिनों ने की अपने पति के दीर्घायु होने की कामना वट वृक्ष की पूजा कर
धार्मिक मान्यता के अनुसार सावित्री ने अपने पति सत्यवान को यमराज के द्वार से वापस लाई थी इसी मान्यता को ध्यान में रखते हुए सुहागिनों द्वारा आज के दिन वट सावित्री की पूजा करते हैं और ऐसी मान्यता है कि सभी वृक्षों में वटवृक्ष बरगद की उम्र सबसे अधिक होती है।
इसलिए सुहागिन वट वृक्ष की पूजा करते हैं। इसकी पूजा में विभिन्न प्रकार के फल व्यंजन आदि को चढ़ाया जाता है मौली धागा से वट वृक्ष की 11, 21, 51 या 108 बार वट वृक्ष की परिक्रमा करते हैं। इस पूजा में आम फल की बहुत अधिक मान्यता है।
वट वृक्ष की पूजा करते हुए लक्ष्मी श्रीवास्तव ने बताया कि यह पर्व सुहागिनों के लिए सबसे महत्वपूर्ण पर्व होता है पति के लंबी उम्र की कामना संतान प्राप्ति की कामना विकास और उन्नति की कामना करते हुए वट वृक्ष की पूजा करते है। सरस्वती शिशु मंदिर के आचार्य ज्योति जोशी ने कहा कि उपवास रखने से मन को शांति मिलती है।



















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