मृतक देवर के टोका टाकी से परेशान होकर भाभी ने सोतै हुए देवर की धारदार हथियार से गले में वार कर हत्या किया ।
मामले का संछिप्त विवरण इस प्रकार है कि दिनांक 08 . 07 . 21 को जरिये टेलीफोन से ग्राम पंचायत चक्रवाय के सरपंच दौलत बंजारे के द्वारा सूचना दिया कि गुहाराम निषाद को किसी अज्ञात वयक्ति द्वारा हत्या कर दिया है कि सूचना मिलने पर ग्राम चक्रवाय पहुंचकर हत्या की घटना का जायजा लिया । प्रार्थी लोमश प्रसाद निषाद पिता गुहाराम निषाद उम्र 25 वर्ष साकिन चक्रवाय ने रिपोर्ट दर्ज कराया कि उसके पिता का अज्ञात वयक्ति के द्वारा उसके पिता गुहाराम निषाद को किसी अज्ञात वयक्ति द्वारा धारदार हथियार से वार कर हत्या कर दिया है कि रिपोर्ट पर मौके पर अपराध धारा पंजीबद्ध की जाकर अज्ञात आरोपी की पतासाजी हेतु हरसंभव प्रयास किया जा रहा था
परंतु अज्ञात आरोपी के संबंध में कोई सूचना जानकारी प्राप्त नहीं हो पा रही थी तब श्रीमान पुलिस अधीक्षक महोदय बलौदा बाजार श्री इंदिरा कल्याण एलेसेला श्रीमान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महोदया श्रीमती निवेदिता पाल एवं श्रीमान अनुविभागीय अधिकारी पुलिस भाटापारा श्री के.बी. द्विवेदी के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी सिमगा श्री नरेश चौहान द्वारा थाना सिमगा के स्टाफ की एक टीम गठित कर आरोपी के संबंध में पुख्ता जानकारी होने पर हिकमत अमली से कार्यवाही करते हुए मृतक गुहाराम की भाभी आमीन बाई निषाद को पुलिस हिरासत में लेकर पूछताछ किया जो बतायी कि मृतक गुहाराम का घर में दबदबा था मृतक घर के सभी लोगों को टोका टाकी करते थे। उम्र व रिश्ते में छोटे होने पर भी आमीन बाई को उनके पति के सामने बेईज्ज़त करते रहते थे जिससे मैं क्षुब्ध परेशान थी । घटना के दिन मृतक गुहाराम निषाद की पत्नी अपने मायके चली गई थी एवं उसके बड़े भाई भगत राम निषाद तथा मृतक के पुत्र लोमस निषाद एवं मृतक की मां ईलाज के लिए भिलाई चले गये थे । घर में आरोपिया और मृतक गुहाराम निषाद ही थे ।
शाम 6 बजे के लगभग गुहाराम निषाद मिट्ठू महराज के घर में हो रही शादी में चला गया जंहा से रात करीबन 10, 11 बजे के आसपास घर आया और आमीन बाई का कमरे के दरवाजे के सामने खड़े होकर आमीन बाई को पूछा कि तुम खाना खाई हो कि नहीं तब आमीन बाई ने हां कहा तब उसने आमीन बाई को चल आज घर में कोई नहीं है तू और मैं है चल कहते हुए आमीन बाई के हाथ पकड़कर खीचते हुए नये घर के परछी तरफ ले गया तब आमीन बाई ये सब नहीं करूंगी कहते हुए उससे हाथ छुड़ा कर अंगना के चौरा के पास बैठकर रोने लगी तभी फिर गुहाराम आया और आमीन बाई के बाल को खींचते हुए तू चल कैसे मेरे साथ नहीं चलेगी कहते हुए साथ में लेकर गया ।
तब दोनों के बीच में वाद विवाद हुआ जब आमीन बाई ने उससे कहा कि सबको बता दूगीं तब गुहाराम निषाद उसे छोड़कर अपने बिस्तर पर जाकल सो गया तब आमीन बाई उसके बगल वाले बिस्तर में सोने का नाटक करने लगी जब गुहाराम सो गया तो खाट के नीचे रखे परसूल को उठाकर लेकर आई और दो बार उसके गले में और दो बार कान गर्दन के बीच में मारी जिसके बाद गुहाराम हाथ पैर हिलाना बंद कर दिया और मौके पर ही गुहाराम की मौत हो गई । आमीन बाई द्वारा अपराध स्वीकार करने पर मेमोरेंडम कथन के आधार पर आरोपिया के विरुद्ध पर्याप्त साक्ष्य सबूत पाए जाने से आरोपिया आमीन बाई पति भगतराम निषाद उम्र 53 वर्ष साकिन चक्रवाय को गिरफ्तार कर न्यायालय पेश किया गया जंहा न्यायाधीश ने उसे जेल भेजा ।
हत्या की गुत्थी सुलझाने में निरीक्षक नरेश चौहान उपनिरीक्षक ओमप्रकाश त्रिपाठी प्रधान आरक्षक धनंजय यादव आरक्षक धर्मेंद्र यादव भारत भूषण पठारी अजय साहू खूमलाल साहू केशव भट्ट कृष्णा कुमार यादव संतोष कुमार भगत महिला आरक्षक अहिल्या वर्मा सोनम भट्ट का महत्वपूर्ण योगदान रहा उक्त प्रकरण के निराकरण पर पुलिस अधीक्षक इंदिरा कल्याण एलेसेला आतिरिक्त पुलिस अधीक्षक निवेदिता पाल अनुविभागीय अधिकारी के बी द्विवेदी ने सराहनीय कार्य के लिए बधाई दिया है ।
*सेंट्रल न्यूज इण्डिया से हर पल की खबर सिंमगा ब्लॉक न्यूज रिपोटर प्रकाश पाल*



















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