अरविन्द तिवारी की रिपोर्ट
जांजगीर-चांपा - पवित्र श्रावण मास के तीसरे मंगलवार की पुनीत बेला में विश्व के महान विभूति , पुरी पीठाधीश्वर श्रीमज्जगद्गुरू शंकराचार्य स्वामी श्रीनिश्चलानंद सरस्वतीजी महाराज के गुरुवर परम श्रद्धेय सर्वभूतहृदय यति चक्रचूड़ामणि धर्मसम्राट स्वामी करपात्रीजी महाराज के 114 वीं प्राकट्य दिवस के मौके पर कोसा , कांसा एवं कंचन की नगरी चांपा के हृदयस्थल में विराजित बड़े जगन्नाथ मठ मंदिर प्रागंण में पुरी शंकराचार्य जी द्वारा संस्थापित संगठन धर्मसंघ , पीठपरिषद् , आदित्यवाहिनी - आनन्दवाहिनी द्वारा पंडित दिनेश दुबे के आचार्यत्व में वैदिक मंत्रोच्चार एवं विधि विधान के साथ विश्व कल्याणार्थ , कोरोना के तीसरी लहर की समाप्ति और सुख समृद्धि की कामना निहितार्थ रूद्राभिषेक का आयोजन किया गया। इस शिवार्चन में आचार्य एवं वेदपाठी ब्राह्मणों की ओर से 108 कमल पुष्प , बेलपत्र , दूध , दही , घी से भगवान शिव का षोडशोपचार पूजन अर्चन किया गया। इस पूजन अर्चन में आचार्य केदार मिश्रा की भी अहम भूमिका रही। इस आयोजन में कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करते हुये सभी श्रद्धालुओं ने भाग लिया। शशिभूषण सोनी ने बताया कि मन की आत्मिक शांति और जन कल्याण की भावना से आयोजित यह रुद्राभिषेक और शिवपूजन श्रावण मास में शिव संकल्प करते हुये श्रेष्ठ कर्म की ओर प्रेरित करता हैं। मन ही मनुष्य का दिव्य धाम है , आत्मिक सुख-शांति और सौहार्द्र के लिये धार्मिक कार्यक्रमों में लगाना वंदनीय है। इस कार्यक्रम से जुड़कर लोगों को अद्भुत आनंद की अनुभूति हुई। आचार्य पंडित पद्मेश शर्मा ने लोगों के उत्साह को देखते हुये भगवान भोलेनाथ की कथा का संक्षिप्त वाचन किया।
श्रद्धा-भक्ति पूर्वक महाआरती में उत्साह और उमंग नज़र आया। दिनेश कुमार दुबे ने कहा कि भगवान भोलेनाथ के प्रति अनुराग और समर्पण ही है कि हर वर्ष पुरी पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वतीजी के जन्मदिन पर यह आयोजन होता हैं। जगन्नाथ मठ मंदिर के देवालय में यह दिव्य आयोजन श्रद्धा भक्ति को दर्शाता है। इस आयोजन में मोहन द्विवेदी , पद्मेश शर्मा - श्रीमति पद्मा शर्मा , सिद्धनाथ-श्रीमति रजनी सोनी , राजेश कुमार , श्रीमति सुमन पाठक , योगेश पाठक , महेंद्र गुप्ता , श्रीमति शांता गुप्ता ,गणेश श्रीवास ,प्रदीप कुमार स्वर्णकार-श्रीमति कावेरी ,उषा , गायत्री ,वृंदा सोनी ,अनिल कुमार सोनी , लीलेश्र्वर तिवारी ने यजमान बनकर पुण्य लाभ अर्जित किया। इसके पहले प्रात:कालीन सत्र में संगठन के लोगों ने ऐतिहासिक रामबांधा तालाब किनारे वृक्षारोपण भी किया।



















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