मुरैना
मध्यप्रदेश
जिले में 25 अक्टूबर तक पांच रैक लगेंगी, लगभग 6 हजार मेट्रिक टन डीएपी मुरैना को मिलेगा - चंबल कमिश्नर
अधिकारी वितरण व्यवस्था सुधारें, किसानों को हर हाल में खाद उपलब्ध करायें
प्रायवेट दुकानों पर खाद की उपलब्धता न कराने पर उपसंचालक कृषि को कारण बताओ नोटिस
मुरैना 14 अक्टूबर 2021/ चंबल एवं ग्वालियर कमिश्नर श्री आशीष सक्सेना ने खाद वितरण से जुड़े समस्त अधिकारियों को कड़े निर्देश दिये है कि किसानों को रबि फसल के लिये खाद मिले। जिले में खाद की उपलब्धता बराबर मिलती रहेगी। इसके लिये 25 अक्टूबर तक 5 रैक मुरैना में लगेगी, जिससे 5 हजार 861 मैट्रिक टन डीएपी मुरैना को प्राप्त होगा। किसान संयम से काम लें। खाद की पर्याप्त मात्रा है, सभी को खाद प्राप्त होगा।
चंबल कमिश्नर ने अधिकारियों को निर्देश देते हुये कहा कि जिले में खाद्य वितरण में किसी भी प्रकार की कोताही न बरतें। प्रत्येक किसान को टोकन वितरण करें, खाद की उपलब्धता पर ही टोकन की संख्या वितरण की जाये ऐसा न हो कि किसान टोकन प्राप्त कर शाम को बिना खाद के घर लौट जाये। दुकान पर खाद उपलब्ध न हो तब किसान से मांग पत्र भरवाकर रखें। खाद प्राप्त होने पर तत्काल उसी किसान को सूचित करें। यह निर्देश उन्होंने गुरूवार को कलेक्टर कक्ष में अधिकारियों को दिये। इस अवसर पर कलेक्टर श्री बी.कार्तिकेयन, पुलिस अधीक्षक श्री ललित शाक्यवार, सीईओ जिला पंचायत श्री रोशन कुमार सिंह, एसडीएम श्री संजीव कुमार जैन, संयुक्त आयुक्त सहकारिता भोपाल श्री अरविंद सिंह सेंगर, संयुक्त संचालक कृषि ग्वालियर, श्री डीएल कोरी, उपायुक्त सहकारिता श्री सीपीएस भदौरिया, उपसंचालक कृषि श्री पीसी पटेल, डीएमओ मुरैना श्री प्रवीण मूंदड़ा, जोनल मैनेजर ग्वालियर श्री रितिक टेमरे, क्षेत्रीय कृभको के अधिकारी श्री अभिषेक मोदी, महाप्रबंधक सीसीवी श्री रामवीर सिंह भदौरिया सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
चंबल कमिश्नर श्री सक्सेना खाद की मॉनीटरिंग एवं वितरण की समीक्षा कर रहे थे। समीक्षा के दौरान उपसंचालक कृषि श्री पीसी पटेल प्रायवेट दुकानों पर खाद की उपलब्धता की जानकारी प्रस्तुत नहीं कर सके। इस पर कमिश्नर ने स्पष्ट निर्देश दिये कि उपसंचालक कृषि श्री पटेल को एक-एक पल और एक-एक बोरी का हिसाब रखना चाहिये, जो पटेल द्वारा नहीं किया गया। इस पर कमिश्नर ने असंतोष व्यक्त करते हुये, उपसंचालक कृषि को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि अधिकारी एडवांस में कार्यवाही करें। खाद की रैक आने पर फोटो खींचकर तत्काल ट्रांसपोर्टर को निर्देशित करें। रेल्वे स्टेशन से खाद डबललॉक में न जाते हुये, सीधे सेल्स पॉइंट पर डीएपी पहुंचे। इसके लिये खाद वितरण से संबंधित अधिकारी पूरी मुस्तैदी के साथ कार्य करें। कृषि विभाग के सभी एसएडीओ और तहसीलदार एवं कोटवार चिन्हित पॉइंटों पर 24 घंटे सतत निरागनी बनाये रखें। जिले में 73 वितरण केन्द्र बनाये गये हैं, इन वितरण केन्द्रों पर पॉस मशीन लगी हुई है, अगर मशीन किसी कारणवश खराब होती है तो वहां लंबी-लंबी लाइनें देखने को नहीं मिलना चाहिये। इसके लिये भले ही किसान को ऑनलाइन की बजाये ऑफलाइन खाद का वितरण कराया जाये। जिसका लेखा-जोखा रजिस्टर में संधारित किया जाये। उन्होंने कहा कि कुछ सेंटर ऐसे हैं जो पॉस मशीन से खाद वितरण नहीं हो रहा है वहां की व्यवस्था पास के ही सेंटर पर कराई जाये जिससे किसान लंबी दूरी तक यात्रा करके परेशान न हों। संख्या अधिक होने पर ऑफलाइन भी खाद वितरण करने की व्यवस्था की जाये। उन्होंने कहा कि कई दुकानदार ऐसे हैं कि जो पॉस मशीन खराब बता रहे हैं और चोरी छिपे खाद का विक्रय कर रहे हैं उनके लायसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित किये जायें।
चंबल कमिश्नर श्री सक्सेना ने कहा कि मुरैना जिले को डीएपी खाद की रैक 15 अक्टूबर को 832 टन 20 अक्टूबर को 1296 टन, 19 अक्टूबर को 790 टन, 21 अक्टूबर को 2343 टन और 24 अक्टूबर को 600 मैट्रिक टन डीएपी खाद मुरैना में पहुंचेगा। इसके लिये अधिकारी प्लानिंग से कार्य करें। मुझे किसी भी सेंटर की शिकायत या अफरा-तफरी का वीडियो वायरल होते हुये पाया तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ सख्त कार्यवाही करूंगा। चंबल कमिश्नर ने कहा कि प्रत्येक वितरण केन्द्र पर सीसीटीवी कैमरे और एक माइक सिस्टम लगवाया जाये जिससे जिस किसान का टोकन नंबर आता है उस किसान को आवाज दी जाये और उसको खाद की बोरी उपलब्ध कराई जाये। किसान अनावश्यक लंबी लंबी लाइन लगाकर दुकानों पर नहीं दिखना चाहिये। खाद वितरण केन्द्रों पर छाया पानी के प्रबंध पुख्ता किये जायें।

















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