*सन्त शिरोमणि नामदेव महाराज की जयन्ती धूमधाम से मनाई गई*
कार्तिक एकादशी की तिथि पर प्रत्येक वर्ष संत नामदेव जयन्ती का आयोजन किया जाता है । पूरे भारत वर्ष में धर्म ध्वजा के प्रचार प्रसार और मानवता का संदेश देने वाले, सभी जीव जगत में भगवान का रुप देखने वाले, कुत्ते में भी भगवान का दर्शन करने वाले संत नामदेव कुत्ते के पीछे सूखी रोटी में घी लगाने घी की कटोरी लेकर दौड़ पड़े, पत्थर में भी भगवान का दर्शन कर पत्थर को कपड़ा पहनाने वाले संत नामदेव की जयंती के भव्य आयोजन विभिन्न स्थानों पर किया गया।
पंजाब के घुमान में भजन कीर्तन करते हुए नामदेव को मंदिर से हटाया गया, उन्हें मन्दिर के पीछे जाकर भजन करने कहा गया , इस पर भगवान ने स्वयं मंदिर को ही घुमा लिया और संत नामदेव मंदिर के दरवाजे पर हो गए। उनकी जयंती पर समाज के लोगों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया। पूजा अर्चना कर फल, मिष्ठान्न, आदि अर्पित कर आरती तथा यज्ञ हवन किया गया। कोटा, बिलासपुर, रायपुर, नवापारा- राजिम, गौरेला, जैतहरी, कोतमा, कटनी, जबलपुर, स्थानों पर सन्त नामदेव जयंती धूमधाम से मनाई गई। पूजा , हवन, आरती, प्रसाद वितरण , बाजे गाजे के साथ सन्त नामदेव की मूर्ति की रथयात्रा, नगर भ्रमण आयोजन किया गया। समाज के बड़े, बुजुर्ग, बच्चे व महिलाओं ने उत्साह के साथ भाग लिया। नामदेव समाज व अन्य समाज ने भी शुभकामनाएं व बधाइयाँ दी।

















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