आशुतोष विश्वकर्मा (वेबसाइट/पोर्टल के स्वामी, संचालक) मो.नं. 8839215630, ई-मेल : branding.executive03234@gmail.com
छोटू यादव (संपादक) मो.नं. 8103624121, ई-मेल : contact@centralnews-india.com

संपादकीय कार्यालय का पता : सेंट्रल न्यूज़ इंडिया - देवांगन बड़ी, सत्यम विहार कॉलोनी, रायपुरा, रायपुर, छत्तीसगढ़, पिन कोड 492013

न्यूज़ वेबपोर्टल पंजीयन क्रमांक : CG14D0018162

 

Breaking

अपनी भाषा चुने

POPUP ADD

सी एन आई न्यूज़

सी एन आई न्यूज़ रिपोर्टर/ जिला ब्यूरो/ संवाददाता नियुक्ति कर रहा है - छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेशओडिशा, झारखण्ड, बिहार, महाराष्ट्राबंगाल, पंजाब, गुजरात, आंध्रप्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटका, हिमाचल प्रदेश, वेस्ट बंगाल, एन सी आर दिल्ली, कोलकत्ता, राजस्थान, केरला, तमिलनाडु - इन राज्यों में - क्या आप सी एन आई न्यूज़ के साथ जुड़के कार्य करना चाहते होसी एन आई न्यूज़ (सेंट्रल न्यूज़ इंडिया) से जुड़ने के लिए हमसे संपर्क करे : हितेश मानिकपुरी - मो. नं. : 9516754504 ◘ मोहम्मद अज़हर हनफ़ी - मो. नं. : 7869203309 ◘ शक्तिधर दीवान - मो. नं. : 9753021021 ◘ आशुतोष विश्वकर्मा - मो. नं. : 8839215630 ◘ सोना दीवान - मो. नं. : 9827138395 ◘ शिकायत के लिए क्लिक करें - Click here ◘ फेसबुक  : cninews ◘ रजिस्ट्रेशन नं. : • Reg. No.: EN-ANMA/CG391732EC • Reg. No.: CG14D0018162 

Tuesday, November 30, 2021

समस्त संसार एक परिवार की भावना से ही उन्नति संभव सत्गुरु माता सुदीक्षा महाराज


समस्त संसार एक परिवार की भावना से ही उन्नति संभव सत्गुरु माता सुदीक्षा महाराज

दमोह आशुतोष गौतम: समालखा, 30 नवंबर, 2021 “परमात्मा यदि हमारा अपना है तो इसका रचा हुआ संसार भी हमारा अपना ही है। यह परमात्मा सबका आधार है। हर एक में और ब्रह्मांड के कण-कण में इसी का वास है। ऐसा भाव जब हृदय में बस जाता है तब किसी अन्य वस्तु अथवा मनुष्य में फिर कोई फर्क नज़र नहीं आता। अतः हम यह कह सकते हैं कि समस्त संसार एक परिवार की भावना जीवन में धारण करने से ही उन्नति सम्भव है। 


निरंकारी सत्गुरु माता सुदीक्षा महाराज ने वर्चुअल रूप में आयोजित 74 वें वार्षिक निरंकारी सन्त समागम के दूसरे दिन 28 नवंबर, 2021 की शाम को हुए सत्संग समारोह को सम्बोधित करते हुए उक्त विचार व्यक्त किए जिसका आनंद मिशन की वेबसाईट एवं साधना टी.वी.चौनल के माध्यम द्वारा विश्वभर के विश्वभर के निरंकारी श्रद्धालु भक्त घर बैठे ही प्राप्त कर रहे हैं।
 सत्गुरु माता जी ने प्रतिपादन किया कि यदि हम आध्यात्मिकता के दृष्टिकोण से देखें तो वास्तविक रूप में सबका आधार यह परमात्मा ही है जिस पर विश्वास भक्ति की बुनियाद है। इसीलिए अपनत्व के भाव को धारण करके हम सब एक दूसरे के साथ सद्भावपूर्ण व्यवहार करें। हर एक के प्रति मन में सदैव प्रेम की ही भावना बनी रहे, नफरत की नहीं। यदि हम किसी के लिए कुछ कर भी रहे हैं तब उसमें सेवा का भाव हो, एहसान का नहीं।


 परमात्मा पर विश्वास की बात को और अधिक स्पष्ट करते हुए सत्गुरु माता ने कहा कि जब हम इस परम सत्ता को ब्रह्मज्ञान द्वारा जान लेते हैं तो फिर इस पर विश्वास करने से ही हमारी भक्ति सही अर्थों में और सुदृढ़ होती है। उसके उपरान्त फिर जीवन में घटित होने वाले विभिन्न प्रकार के उतार-चढावों के कारण हमारा मन विचलित नहीं होता।

 यह दृढ़ता हमें सत्संग, सेवा और सुमिरण के माध्यम से प्राप्त होती है। इसके पूर्व सायं 5.00 बजे से चल रहे सत्संग समारोह में देश-विदेश से भाग ले रहे वक्ता, गीतकार एवं कवियों ने अपने अपने व्याख्यान, गीत एवं कविताओं के माध्यम से समागम के मुख्य विषय विश्वास, भक्ति, आनंदश् पर रोशनी डाली।

No comments:

Post a Comment

Please do not enter any spam link in the comment box.

Hz Add

Post Top Ad