पिथौरा_संपत अग्रवाल सिटी छाप और भाजपा
संपत अग्रवाल बसना नगर पंचायत के अध्यक्ष चुने गए थे उस समय भारतीय जनता पार्टी के सदस्य थे विधानसभा चुनाव में उन्होंने अपनी दावेदारी भारतीय जनता पार्टी के आलाकमान के पास पेश की थी।पर भारतीय जनता पार्टी के द्वारा डीसी पटेल को बसना विधानसभा का टिकट दिया गया था।संपत अग्रवाल के द्वारा पार्टी से हटकर निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में बसना विधानसभा से चुनाव लड़ा।चुनाव लड़ने के कारण उन्हें पार्टी से निष्कासित किया गया।निर्दलीय उम्मीदवार होने के बावजूद भी बसना विधानसभा में वह दूसरे स्थान पर थे उन्हें 50,000 से अधिक वोट मिला था।प्रथम स्थान पर कांग्रेस पार्टी दूसरे स्थान पर सिटी छाप संपत अग्रवाल और तीसरे स्थान पर भाजपा रही थी ।
अगर हम देखें कि राष्ट्रीय पार्टी की वोटों गिनती 15000 से 20000 से प्रारंभ होता है।परंतु संपत अग्रवाल एक निर्दलीय उम्मीदवार का प्रारंभ जीरो से हुआ था।संपत अग्रवाल ने जिन उम्मीदवारों से चुनाव लड़ा है उनके बीच से अगर 50000 से अधिक वोट पाते हैं तो उनके लिए बहुत बड़ी उपलब्धि थी।संपत अग्रवाल जी का निलाचल सेवा समिति के माध्यम से खेलों का आयोजन ,बुजुर्गों का सम्मान ,नारी का सम्मान आदि कार्यक्रम करके अपनी छवि को बसना विधानसभा में बहुत अच्छा बनाए हुए थे इसी का परिणाम था कि उन्हें इतना वोट मिला। पार्टी का लेवल मिलना और सिटी छाप से चुनाव लड़ते हैं तो जनता के मन में एक अलग विचार आएगा अब संपत अग्रवाल जी को यह तय करना है किस सिटी छाप या पार्टी का लेबल से चुनाव लड़ना है?

















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