लुई ब्रेल जयंती एवं कोविड 19 तीसरे लहर को ध्यान रखते हुए जागरूकता कार्यक्रम का हुआ आयोजन
कपड़े का मास्क सुरक्षित नहीं, कोविड के बचाव के लिए 4 बिंदुओं पर ध्यान देना जरूरी - डाॅ. संदीप तिवारी (डिस्ट्रिक्ट चेयरमेन, इंडियन मेडिकल एसोसियेशन, जिला बिलासपुर)
बलौदाबाजार। (08.01.2022) लुई ब्रेल के जयंती के अवसर पर सक्षम छत्तीसगढ़ प्रान्त एवं दृष्टिबाधित विकास संघ के संयुक्त तत्वाधान में कार्यक्रम का आयोजन आज दिनांक 07.01.2022 को किया गया। जिसमें सर्वप्रथम दृष्टिबाधित रमाकांत चंदेल द्वारा लुई ब्रेल के उपर स्व-रचित कविता पाठ के द्वारा कार्यक्रम की शुरूआत किया गया। जिसके पश्चात बिलासपुर से इंडियन मेडिकल एसोसियेशन के बिलासपुर डिस्ट्रीक्ट चेयरमेन डाॅ. संदीप तिवारी द्वारा कोविड 19 के तिसरी लहर को ध्यान में रखते हुए महत्वपूर्ण जानकारियां प्रदान किया गया। डाॅ. तिवारी द्वारा बताया गया कि दक्षिण आफ्रिका में पहली बार पाये गये कोविड 19 के नये वेरिएंट ओ-माईक्रान का संक्रमण स्पीड पूर्व के वेरिएंट से अधिक तीव्र है। कोविड 19 के नये हमले से बचाव के लिए चार प्रमुख नियम पर हमें ध्यान देने की आवश्यकता है। पहला नियमित रूप से साबुन या हैण्डवास से हांथ धोवें, दूसरा नियमित मास्क खासकर पब्लिक प्लेस पर मास्क का अनिवार्य प्रयोग करें, कपड़े के डिजाइन मास्क किसी भी स्थिति में बचाव का साधन नहीं है हमें सर्जिकल या एन-95 आदि मास्क का ही प्रयोग करना चाहिए, तीसरा सोसल डिस्टेंसिग का अनिवार्य पालन किया जाये और चौथा किसी भी प्रकार के कोविड संबंधित लक्षण दिखाई देने पर उसे छुपायें नहीं तुरंत जांच करवायें। कोविड19 का संक्रमण 1 से 5वे दिन तक समान्य रूप में रहता है। लेकिन 6 से 9वें दिन के बीच ही मरीज ज्यादा गंभीर एवं हाॅस्पिटल में एड्मिट की स्थिति में होता है। जिसके कारण 6वें से 9वें दिन तक पेसेंट को विशेष ध्यान रखने की आवश्यकता होती है। जिनका टीकाकरण नहीं हुआ है वे टीकाकरण अनिवार्य करवायें जिन्हें प्रथम डोज टीका बस लगा है वे द्वितीय डोज टीका जरूर लगवायें। दोनों डोज कोविड 19 टीका लगाये व्यक्ति को हास्पिटलाईज होने की संभावना कम ही रहती है। द्वितीय डोज टीकाकरण के 6 माह पश्चात एण्टीबाडिज कम होने लगते हैं अतः निर्धारित समय में बुस्टर टीका लगवाना भी अनिवार्य है।
तत्पश्चात सक्षम के राष्ट्रीय संरक्षक एवं पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष डाॅ. दयाल सिंह पवार द्वारा लुई ब्रेल जयंती के अवसर पर बेल लिपि के अविष्कार एवं आवश्यकता पर प्रकाश डाला गया एवं बताया गया कि 43 वर्ष की अल्पआयु तक जीवित रहने वाले लुई ब्रेल के द्वारा दृष्टिहीन लोगों के लिए ब्रेललिपि का अविष्कार एक वरदान साबित हुआ है।दृष्टिबांधित विकास संघ के प्रदेश महासचिव राजेन्द्र बेहरा द्वारा लुई ब्रेल की जीवनी पर प्रकाश डालते हुए बताया गया कि 4 जनवरी 1809 में फ्रांस के पेरिस से 25 मील दूर कुब्रे नामक स्थान में जन्म लेने वाले लुई ब्रेल द्वारा सैनिकों के 12 बिन्दुओं वाले लिपि से 6 बिन्दुओं वाले ब्रेल लिपि का अविष्कार किया गया। ब्रेल लिपि को उनके जीवित रहते मान्यता नहीं दी गई अपितु उनकी मृत्यु के 15 साल बाद इस लिपि को मान्यता दी गई। उनके द्वारा दृष्टीबाधित व्यक्तियों के सोसल डिस्टेंसिंग को अधिक ध्यान देने और उसका पालन करने की बात करते हुए उनके टीकाकरण के लिए आह्वान किया गया। कार्यक्रम के अंत में सक्षम बलौदाबाजार जिला संयोजक लोकनाथ सेन द्वारा उपस्थित अतिथियों, स्त्रोताओं को धन्यवाद ज्ञापन किया गया। कार्यक्रम का संचालन सक्षम छत्तीसगढ़ के प्रान्तीय सचिव अनूप पाण्डे द्वारा किया गया एवं उनके द्वारा शांति पाठ के माध्यम से कार्यक्रम का समापन किया गया।

















No comments:
Post a Comment
Please do not enter any spam link in the comment box.