रमन सरकार ने 2017 में यूजर चार्ज लागू किया तब भाजपा के नेता और पार्षद सत्ता के नशे में मदमस्त थे आज होश आया :- ज़ेबा कुरैशी
दल्लीराजहरा :- यूजर चार्ज को लेकर भाजपा के आंदोलन पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कांग्रेस प्रवक्ता जेबा कुरैशी जी ने ने कहा कि भाजपा की नीति मुंह में राम बगल में नाथूराम वाली है। 2017 में रमन सरकार ने यूजर चार्ज लेने का कानून पास किया तब आज विरोध करने वाले भाजपा के नेता और पार्षद सत्ता के नशा में मदमस्त थे, आज होश में आये है। भाजपा नेता किस मुंह से यूजर चार्ज का विरोध कर रहे है जबकि यूजर चार्ज लागू रमन की सरकार ने ही किया था।
एक ओर भाजपा छत्तीसगढ़ में यूजर्स चार्ज का विरोध करती है वहीं दूसरी ओर भाजपा की केंद्र सरकार जनता से यूजर्स चार्ज वसूलने दबाव बनाती है। जो निकाय यूजर चार्ज वसूल नहीं करेगी उन निकायों को स्वच्छता रैंकिंग से बाहर करने की चेतावनी देती है। भाजपा यूजर चार्ज के नाम से सिर्फ राजनीतिक ड्रामेबाजी कर रही है। असल में भाजपा मोदी सरकार जनता से जबर्दस्ती यूजर्स चार्ज वसूलने की हिटलरशाही फरमान से जनता का ध्यान भटकाने में लगी हुई है।
भाजपा के नेता छत्तीसगढ़ में यूजर चार्ज का विरोध करने के बजाय दिल्ली में बैठी मोदी सरकार को यूजर चार्ज की अनिवार्यता खत्म करने बाध्य करना चाहिए। जिसकी हिम्मत और ताकत भाजपा के नेताओं में नहीं है। क्यों जनता की बातों को मोदी और शाह के सामने रखने की बारी आती है तब भाजपा के नेता भीगी बिल्ली बन जाते है।
ठाकुर ने कहा कि पूर्व के रमन सरकार के दौरान छत्तीसगढ़ की जनता के ऊपर अनेक कर लगाया गया था नगरीय निकाय क्षेत्रों में जल कर, नल कर, मल कर की दरों में बढ़ोतरी की गई थी, उसके अलावा अलग से समेकित कर भी लगाया गया था। यूजर चार्ज भी भाजपा की ही देन हैं। जिसे छत्तीसगढ़ में लागू की गई थी। अब केंद्र सरकार यूजर्स चार्ज लेने दबाव बना रही है। जब यूजर चार्ज लागू हुआ तब आज विरोध में खड़े भाजपा के पूर्व विधायक एवं विधायक उस रमन सरकार के अंग थे एवं भाजपा के वर्तमान पार्षद उस दौरान भी पार्षद थे जब यूजर चार्ज लागू हुआ लेकिन उस दौरान मौन थे? रमन सरकार ने भाजपा नेता के किवार कंपनी को लाभ पहुंचाने के लिये पूरे छत्तीसगढ़ में कचरा कलेक्शन का ठेका दिया गया और कचरा कलेक्शन के बदले प्रत्येक घर से यूजर चार्ज वसूलने की जिम्मेदारी दी गयी।
उन्होंने कहा कि भारत सरकार द्वारा जारी ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2016 के नियम 4 (घ) (3) अनुसार सभी अपशिष्ट उत्पन्नकर्ता ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के लिये स्थानीय निकायों का यूजर चार्ज की वसूली को आवश्य कहा गया है। भारत सरकार द्वारा 15वें वित्त आयोग वर्ष 2024-25 तक रायपुर अर्बन एग्लोमेंरेशन हेतु कुल राशि रूपये 459.00 करोड़ परफारमेंस ग्राण्ट दिये जाने हेतु प्रावधान किया गया है। यह राशि तभी मिलेगी जब रायपुर केन्द्र के द्वारा बनाये गये मानकों को पूरा करेगा। केन्द्र द्वारा बनाये गये मानको में ठोस कचरे का प्रबंधन और शहरों द्वारा यूजर चार्ज की वसूली किया जाना आवश्यक है। इसके बिना शहर के स्टार रैकिंग में सुधार नहीं होगा तथा 459 करोड़ की राशि रायपुर को नहीं मिलेगी।
CNI News दल्ली राजहरा से प्रदीप सहारे

















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