खैरागढ़-उज्जवला योजना पड़ रही मंहगी, हो रहा मोहभंग, मंहगें गैस से बढ़ी परेशानी
चूल्हा फुंकने को मजबूर ग्रामीण,
खैरागढ़ गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले परिवारों को चूल्हे के धुएं से बचाने और उनके जीवन स्तर को सुधारने उज्ज्वला योजना मंहगी गैस टंकी के चलते अब भारी पड़ रही है। योजना के तहत हितग्राहियों को मुफ्त में एक सिलेंडर और गैस चूल्हा दिया गया जिससे गैस चूल्हे से बिना धुएं के रसोई का संचालन कर सकें। उज्वला योजना को लेकर शहर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष उत्साह था । ग्रामीण क्षेत्रों में घरों के रसोई में धुएं के अलावा लकड़ी की अनुपलब्धता भी लोगों के लिए परेशानी का सबब बन रहा था । उज्ज्वला योजना का बड़े स्तर पर प्रचार प्रसार किया और जो गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन कर रहे थे उनके लिए ये किसी वरदान से कम नहीं था। किन्तु अब गैस सिलेंडर के दामों में बेतहाशा वृद्धि से उज्ज्वला योजना में लिए गए गैस सिलेंडर और चूल्हे इन ग्रामीणों के घरों में धूल खा रहे हैं, उज्वला योजना के अलावा माध्यम वर्गीय परिवार भी गैस सिलेंडरों के दामों में हुई वृद्धि से काफी परेशान है।
15 हजार से अधिक हितग्राहियों को मिला योजना का लाभ
उज्जवला योजना के तहत शहर सहित ग्रामीण इलाकों को मिलाकर पूरे ब्लाक में 15 हजार से अधिक हितग्राहियों को अब तक उज्जवला योजना के तहत गैस चूल्हे का वितरण किया जा चुका है। योजना के शुरूआत के दौरान गैस सिलेंडर की कीमत अब की कीमत से आधे से कम थी। लेकिन लगातार बढ़ते सिलेंडर के दामों से अधिकांश घरों में योजना के चुल्हे बंद पड़ने लगे हैं। सिलेंडर फिलहाल ब्लाक मुख्यालय में एक हजार रू की कीमत पर मिल रहे है जिसे हर माह रिफलिंग कराया गरीब परिवारों के लिए आसान नहीं है । ऐसें में योजना के पात्र हितग्राही फिर से चूल्हे का उपयोग करने में जूट गए है ।
I हर माह नहीं करा पातें रिफलिंग
उज्जवला योजना के तहत लगातार पात्र हितग्राहियों को गैस चूल्हे और सिलेंडर का वितरण किया जा रहा है । इसके बाद भी योजना का लाभ लेने वाले हितग्राही हर माह अपने सिलेंडर की रिफलिंग नहीं करा पातें । मिली जानकारी मुताबिक एक हजार रू सिलेंडर होनें के चलते माह भर में आधे से भी कम सिलेंडर की रिफलिंग ही हो पा रही है। ऐसे में इन हितग्राहियों के सिलेंडरों का फायदा व्यवसायिक कार्य करने वाले बड़ी संख्या में उठा रहे है। जिसके चलते योजना का क्रियान्वयन सही तरीके से नहीं हो पा रहा है । हितग्राहियों ने बताया कि गैस सिलेंडर और चूल्हा तो उन्हें मुफ्त में मिल गया पर अब सिलेंडर भरवाने पर करीब एक हजार रुपये की जरूरत पड़ती है जो हमारे लिए बहुत बड़ी रकम है। उज्ज्वला योजना से गैस कनेक्शन लिया था कुछ दिन उपयोग भी किया पर अब सिलेंडर के दाम काफी बढ़ गए हैं और सब्सिडी में भी कमी कर दी गई है इसलिए अब उन्हें लकड़ी वाला चूल्हा जलाना पड़ रहा है, जब गैस के दाम कम हो जाएंगे तो गैस से खाना बनेगा।
*सीएनआई खैरागढ़ से सोमेश कुमार की रिपोर्ट*

















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