सिवनी -मुख्यालय से करीब 20 किलोमीटर दूर मुंडारा के छीतापार गांव से लगे वन विकास निगम के जंगल में बाघ के हमले में मृत चरवाहे का शव 9 मार्च बुधवार सुबह मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। मृतक चरवाहे (गायकी) रघुनाथ पुत्र पूसू उइके (50) का शव क्षत विक्षत हालत में बरघाट प्रोजेक्ट (वन विकास निगम) के सिवनी वन परिक्षेत्र अंतर्गत अंतर्गत कंपार्टमेंट क्रमांक 457 में मिला हैं। ग्रामीणों के मुताबिक शव का अधिकांश हिस्सा हमलावर बाघ खा चुका है। सिर व जांघ से नीचे के हिस्सा अलग-अलग टुकडों में मिला हैं।
8 मार्च मंगलवार को चरवाहा गांव के मवेशियों को चराने के लिए जंगल गया था, जो वापस लौट कर नहीं आया। लापता चरवाहे की खोजबीन के दौरान बुधवार सुबह शव जंगल में मिला हैं। यह जंगल पेंच टाइगर रिजर्व के रुखड़ बफर से लगा हुआ है, जहां बाघ की आवाजाही रहती हैं। ग्रामीणों के अनुसार बीते कई दिनों से पालतू मवेशियों का शिकार बाघ कर रहा था।
गश्ती के दौरान मृत मिला बाघ, सुरक्षित
ग्रामीणों के मुताबिक मंगल
वन विकास निगम के सिवनी वन परीक्षेत्र अधिकारी दिनेश कुमार झारिया ने बताया कि बरघाट प्रोजेक्ट अंतर्गत छीतापार गांव से लगे कंपार्टमेंट क्रमांक 457 में मृतक रघुनंदन उइके का शव मिला हैं। विभागीय अधिकारी व वन अमला मौके पर पहुंच रहा है, जिसके बाद घटना की विस्तृत जानकारी दी जा सकेगी।

















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