(शिवशंकर पाण्डेय जिला ब्यूरो)
बालाघाट। महिला एवं बाल विकास विभाग के प्रयासों से जिले के आदिवासी बाहुल्य विकासखंड बैहर के ग्राम गोगाटोला में 30 अप्रैल को बाल विवाह को रोकने में सफलता हासिल हुई है।
महिला एवं बाल विकास विभाग की जिला कार्यक्रम अधिकारी श्रीमती मनीषा लुम्बा ने बताया कि विकास खण्ड बैहर, ग्राम पंचायत गोंगाटोला, में बाल विवाह की शिकायत प्राप्त होने पर श्रीमति सोमवती मानकर पर्यवेक्षक, श्रीमति श्यामा बिसेन पर्यवेक्षक एकीकृत बाल विकास सेवा बैहर, पुलिस थाना बैहर से ए.एस.आई श्री राजकुमार हिरकने व टीम एवं चाईल्ड लाईन की टीम द्वारा लाडो अभियान के तहत जागरूक रहते हुए दिनांक 30 अप्रैल 2022 को विवाह स्थल ग्राम गोंगाटोला जाकर जाँच की गई। जांच में बालक निवासी ग्राम गोंगाटोला, जिसकी आधार कार्ड के अनुसार उम्र 21 वर्ष है लेकिन इनका विवाह बालिका निवासी ग्राम भण्डेरी जिसकी आधार कार्ड के अनुसार उम्र 17 वर्ष है, जो कि नाबालिग है उससे तय हुआ था।
शासन के नियमानुसार बालिका की उम्र 18 वर्ष से कम है तो इस उम्र में विवाह करना बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के तहत् अपराध की श्रेणी में आता है। ग्राम पंचायत गोंगाटोला में परिवार के सभी सदस्य व मोहल्ले के अन्य लोगों को बाल विवाह न करने की और न ही उसमें शामिल होने की समझाईश दी गई एवं दोनो पक्षों के परिजनों को बाल विवाह के दुष्परिणाम के बारे में बताया गया। समझाईश उपरांत परिवार के सदस्य बाल विवाह रोकने एवं बालिका की उम्र 18 वर्ष पूर्ण होने के उपरांत ही विवाह कराने पर सहमत हुए।


















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