उम्मीद में बैठी थी महिला जिला कलेक्टर के इंतजार में ही हो गई बेहोश दफ्तर?
सी एन आई न्युज से मुकेश साहू की रिपोर्ट
कसडोल:-छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले से एक बड़ी खबर सामने आई है. एक महिला न्याय की उम्मीद लेकर कलेक्टर कार्यालय पहुंची थी, जहां वो कलेक्टर का इंतजार कर रही थी लेकिन इंतजार करते-करते महिला कार्यालय के बाहर बेहोश हो गई. इतना ही नहीं पीड़ित महिला की सुध लेने वाले भी दफ्तर से नदारद थे दरअसल, बलौदाबाजार कलेक्टर कार्यालय परिसर में आज एक बुजुर्ग महिला बेहोशी की हालत में मिली. बताया जा रहा है
कि महिला कलेक्टर से मिलने कसडोल विकासखंड के ग्राम छतवन से लगभग 70 किमी का सफर तय कर आई थी यहां आकर उसे कोई नहीं मिला और कलेक्टर का इंतजार करते-करते परिसर के बाहर चक्कर आने से बेसुध हो गई. वह अपने बहनों की साथ आई थी. यह भी बता दें कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रदेश के समस्त कलेक्टर को आदेशित कर हड़ताल के दौरान आवश्यक सुविधा उपलब्ध कराने निर्देशित किए थे लेकिन यहां का नजारा कुछ और ही था सुबह 11 बजे से महिला बाहर बैठे-बैठे बेहोश हो गई. अधिकारियों को भनक तक नहीं लगी. पीड़ित महिला बिसनबाई प्रभाकर ने बताया कि उसकी जमीन पर उसके ही परिवार के लोगों ने कब्जा कर लिया है और मारपीट भी किए हैं, जिसको लेकर वह पुलिस के पास भी गई थी. पर कुछ नहीं हुआ और वह अब कलेक्टर के पास आई है लेकिन अभी तक कोई नहीं मिला है उसे इंतजार करते करते तीन घंटे हो गए, लेकिन कोई नहीं आया बता दें कि अधिकारी- कर्मचारियों की हड़ताल के कारण अब जनता को इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है. वहीं मामले में अधिकारी जवाब देने से बच रहे हैं।।


















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