रतनपुर से ताहिर अली की रिपोर्ट
रतनपुर.....सरस्वती शिक्षा संस्थान छत्तीसगढ़ की योजनानुसार शैक्षणिक गतिविधियों एवं भैया बहनो के सर्वांगीण विकास की दृष्टि से तीन वर्षो की एक कार्ययोजना बना कर छत्तीसगढ़ प्रांत के प्रत्येक विद्यालय को हर विद्यालय उत्कृष्ट विद्यालय योजना के तहत कार्यशाला लगाकर आचार्यों को दक्ष किया जा रहा है इसी कड़ी मे सरस्वती शिशु मंदिर रतनपुर मे आयोजित कार्यशाला का उद्घाटन सरस्वती शिक्षा संस्थान छत्तीसगढ़ के प्रतिनिधि एवं बिलासपुर विभाग समंन्वयक आदरणीय गेंदराम राजपूत जी के मुख्य आतिथ्य ,विद्यालय के व्यवस्थापक डाँ.सुनील जायसवाल की अध्यक्षता एवं सहव्यवस्थापक सुरेश सोनी के विशेष आतिथ्य मे संपन्न हुआ।
उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए विद्यालय के व्यवस्थापक डां.सुनील जायसवाल ने कहा की सीखने की कोई उमर नही होती ऐसे मे यदि हम शिक्षक है तब तो प्रत्येक दिन सीखना अति आवश्यक हो जाता है।उद्घाटन सत्र के बाद कार्यशाला के प्रथम सत्र मे परिक्षा परिणाम एवं बच्चों का सर्वांगीण विकास विषय पर विभाग समंन्वयक राजपूत जी ने विस्तार से जानकारी देते हुए कहा की परिक्षा परिणाम एवं इनमे सुधार के लिए समीक्षात्मक कार्ययोजना बनाकर भैया बहनो को अध्ययन कराया जाय तो निश्चित रूप से परीक्षा परिणाम बेहतर आयेंगे।आधारभूत विषयों की विशेषता बताते हुए उन्होंने कहा की बच्चों को खेलकूद,शारीरीक शिक्षा, योगशिक्षा,संगीत शिक्षा,आदि के उपयोग से उनके नैतिक एवं आध्यात्मिक विकास को उपयोगी बना सकते है।
चार सत्रो मे आयोजित इस कार्यशाला मे बच्चों के विकास के लिए विभिन्न विषयो मे सूक्ष्मता पूर्वक विश्लेषण कर कार्ययोजना बनाना एवं प्रत्येक बच्चों तक शिक्षक पहुंच सके इस पर विषेश ध्यान देना इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य है सर्वे भवंतु सुखीन के समवेत गायन से कार्यशाला का समापन हुआ।आभार प्रदर्शन प्राचार्य मुकेश श्रीवास्तव ने किया।मंचसचालन वरिष्ठ आचार्य योगेश गुप्ता ने किया।इस कार्यशाला मे श्रीमती तृप्ति बघेल,श्याम सुंदर तिवारी,मणि फांसे,कीर्ति कहरा, श्रीमती वर्षा श्रीवास्तव, श्रीमती सीता पोर्ते,आकांक्षा कहरा,दामिनी श्रीवास,प्रिया श्यामले,तुषार गुप्ता, सूर्यकांत यदु,सूर्यकांत निर्मलकर, ने प्रशिक्षण प्राप्त किया।




















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